मुंबई की रहने वाली 35 साल की नर्स के साथ रेप की घटना के मामले में सीनियर अधिकारियों ने संज्ञान लिया। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने 20 बाद एफआईआर दर्ज की है। वहीं पुलिस ने मेडिकल घटना की रात ही करा दिया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के बाद पीड़िता ने कार्रवाई से इनकार किया था। जिसके बाद वह खुद ही दिल्ली के अस्पताल में भर्ती रहीं। अब मधुबन बापूधाम थाने में आरोपी युवक के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह है पूरा मामलला 35 साल की पीड़ित नर्स ने बताया- कि मैं गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में रह रही हूं। दिल्ली के एक अस्पताल में नर्स हूं। लॉकडाउन के समय मैं मुंबई से गाजियााबाद में जॉब की तलाश में आई थी, यहां अकेली ही रह रही हूं। ये घटना 25 अगस्त 2026 की है। मोरटा के पास का रहने अंकित नाम का युवक मुझे जानता था। उसने एक दिन अचानक मेरे पास आकर कार रोक दी। फिर जबरन गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद मुझे मोरटा में निर्माणाधीन बिल्डिंग के पास ले गया। वहां युवक ने मेरा रेप किया। कार में मुझे पीटा। बोला कि पुलिस के पास गई तो जान से मार दूंगा। अपने दोस्तों को फोन कर मेरे सामने कहने लगा- भाई आ जा, मेरे साथ एक लड़की है। धमकाते हुए कहा कि अभी तो मैं अकेला हूं, मेरे दोस्त भी आ गए तो अंजाम बुरा होगा। न्यूड वीडियो बनाकर वॉट्सएप ग्रुप में भेजे पीड़ित नर्स ने बताया- आरोपी युवक ने बीयर पी। मेरे न्यूड वीडियो बनाए। धमकी देते हुए कहा कि तुम मेरा कुछ नहीं कर पाओगी। मेरा फोन भी छीन लिया था। उसने किसी वॉट्सएप ग्रुप में मेरी न्यूड वीडियो भी भेजी। मैं बहुत डर गई थी। मेरे पास फोन भी नहीं था। मैं बहुत देर तक सहमी रही कि आखिर किससे मदद लूं। इसके बाद मेरा फोन फेंक दिया। मैंने किसी तरह उसकी नजरों से बचकर अपना फोन उठाया। थोड़ी देर फिर धमकाया और पीटा। मुझे चक्कर आने लगा, जब हालत बिगड़ने लगी तो कार में बैठाया और एक सोसाइटी के बाहर कार से धकेल दिया। मैंने रात 12.59 बजे 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस से मदद मांगी। पुलिस मौके पर आई, मुझे अपने साथ ले गई। मैंने लिखित शिकायत भी दी। पुलिस मुझे घटनास्थल पर भी ले गई, जहां मैंने अपने कपड़ों के बारे में बताया, लेकिन वे कपड़े पुलिस ने बरामद नहीं किए। डीसीपी और CP के संज्ञान तक पहुंचा मामला यह पूरा मामला डीसीपी सिटी धवल जायसवाल और पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड के संज्ञान में पहुंचा। इससे पहले नर्स ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने मेरे हाथ में 1.50 लाख रुपए कैश लाकर दिए और कहा कि अब आप जाइए। बाकी अन्य पुलिसकर्मी वर्दी तो पहने थे, लेकिन नेम प्लेट नहीं लगी थी। अब पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर बीएनएस की धारा 64 (1) और 351(3) के तहत केस दर्ज कराया है। पीड़िता के बयान कराकर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

