बेगुसराय की रहने वाली 31 साल की सॉफ्टवेयर इंजीनियर की पत्नी रागिनी कुमारी का बुधवार को सिमरिया घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। रागिनी के 8 वर्षीय बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी। 14 सितंबर को गणपति पूजा के दौरान परिवार के साथ तस्वीर खिंचवाने के कुछ घंटे बाद पुणे में 31 वर्षीय रागिनी कुमारी की मौत हो गई। रात करीब 8:30 बजे पुणे की अविला सोसाइटी स्थित फ्लैट में उसका शव मिला। मौत की सूचना मिलने के बाद पहुंचे मायके वालों ने परिस्थितियों को संदिग्ध बताते हुए जांच की मांग की है। रागिनी के भाई गौतम के आवेदन पर पुणे के बावधन थाने में मामला दर्ज कराया गया है। पुणे पुलिस परिवार के आरोपों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि रागिनी की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों से स्पष्ट होगा। उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रोते-बिलखते परिजनों की 2 तस्वीरें… करीब 9 साल पहले हुई थी शादी, पुणे में पति के साथ रहती थीं रागिनी बेगूसराय जिला मुख्यालय क्षेत्र के रहने वाले सेवानिवृत्त सूबेदार रामकिशोर मिश्रा की बेटी थीं। करीब 9 साल पहले उनकी शादी समस्तीपुर जिले के हसनपुर थाना क्षेत्र के शासन गांव निवासी हरेराम राय के बेटे धीरज कुमार राय से हुई थी। धीरज पुणे में टीसीएस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। शादी के बाद रागिनी भी पति के साथ पुणे में रहने लगी थीं। दोनों के दो बच्चे हैं। बेटा 8 साल का और बेटी 7 साल की है। परिजनों के मुताबिक, रागिनी ने बीटेक की पढ़ाई की थी और शादी से पहले नौकरी भी करती थीं। शादी के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी। परिवार की ओर से आरोप लगाया गया है कि रागिनी को लंबे समय से मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं थी। रक्षाबंधन पर भाई ने मोबाइल दिया, पति ने रख लिया: परिवार रागिनी के भाई उत्तम मिश्रा ने इस साल रक्षाबंधन पर उन्हें मोबाइल फोन दिया था। परिवार का आरोप है कि धीरज ने इसका विरोध किया और मोबाइल अपने पास रख लिया। रागिनी के भाई गौतम की ओर से पुणे पुलिस को दिए आवेदन में इस बात को परिवार से संपर्क रोकने और मानसिक प्रताड़ना से जोड़ते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। परिजनों का कहना है कि घटना वाले दिन घर में गणपति पूजा की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान धीरज, रागिनी और दोनों बच्चों की तस्वीर भी सामने आई है। तस्वीर में परिवार सामान्य नजर आ रहा है। इसके कुछ घंटे बाद रात में मायके वालों को रागिनी की मौत की सूचना मिली। भाई पुणे पहुंचा तो फ्लैट में पड़ा था शव मौत की सूचना मिलने के बाद रागिनी के भाई गौतम पुणे पहुंचे। उनके मुताबिक, वहां फ्लैट में रागिनी का शव पड़ा मिला। इसके बाद परिवार ने मौत की परिस्थितियों को संदिग्ध बताते हुए पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। रागिनी के पिता रामकिशोर मिश्रा ने भी बेटी की मौत की परिस्थितियों की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि रागिनी की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी। उन्होंने बेटी की गर्दन पर नीले और काले निशान होने की बात भी कही है। शव शासन गांव पहुंचा तो हुई पंचायत रागिनी का शव बाद में समस्तीपुर के शासन गांव लाया गया। यहां मायके और ससुराल पक्ष के लोगों की मौजूदगी में पंचायत हुई। सामने आए वीडियो में ग्रामीण और रिश्तेदार धीरज से रागिनी के मायके वालों से संपर्क और मोबाइल इस्तेमाल को लेकर सवाल करते नजर आ रहे हैं। पंचायत में दोनों बच्चों के भविष्य को लेकर भी चर्चा हुई। पंचायत में धीरज की पैतृक संपत्ति और मकान में दोनों बच्चों का हिस्सा सुरक्षित करने, उनकी पढ़ाई का खर्च उठाने और रागिनी के नाम जमा राशि बच्चों को देने को लेकर फैसले की बात सामने आई है। धीरज के भविष्य में दूसरी शादी नहीं करने और दोनों बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी लेने की सहमति की बात भी कही गई है। बेगूसराय में अंतिम संस्कार, 8 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि बुधवार को रागिनी का शव बेगूसराय लाया गया। इसके बाद सिमरिया घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। रागिनी के 8 वर्षीय बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी। बेगुसराय की रहने वाली 31 साल की सॉफ्टवेयर इंजीनियर की पत्नी रागिनी कुमारी का बुधवार को सिमरिया घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। रागिनी के 8 वर्षीय बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी। 14 सितंबर को गणपति पूजा के दौरान परिवार के साथ तस्वीर खिंचवाने के कुछ घंटे बाद पुणे में 31 वर्षीय रागिनी कुमारी की मौत हो गई। रात करीब 8:30 बजे पुणे की अविला सोसाइटी स्थित फ्लैट में उसका शव मिला। मौत की सूचना मिलने के बाद पहुंचे मायके वालों ने परिस्थितियों को संदिग्ध बताते हुए जांच की मांग की है। रागिनी के भाई गौतम के आवेदन पर पुणे के बावधन थाने में मामला दर्ज कराया गया है। पुणे पुलिस परिवार के आरोपों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि रागिनी की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों से स्पष्ट होगा। उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रोते-बिलखते परिजनों की 2 तस्वीरें… करीब 9 साल पहले हुई थी शादी, पुणे में पति के साथ रहती थीं रागिनी बेगूसराय जिला मुख्यालय क्षेत्र के रहने वाले सेवानिवृत्त सूबेदार रामकिशोर मिश्रा की बेटी थीं। करीब 9 साल पहले उनकी शादी समस्तीपुर जिले के हसनपुर थाना क्षेत्र के शासन गांव निवासी हरेराम राय के बेटे धीरज कुमार राय से हुई थी। धीरज पुणे में टीसीएस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। शादी के बाद रागिनी भी पति के साथ पुणे में रहने लगी थीं। दोनों के दो बच्चे हैं। बेटा 8 साल का और बेटी 7 साल की है। परिजनों के मुताबिक, रागिनी ने बीटेक की पढ़ाई की थी और शादी से पहले नौकरी भी करती थीं। शादी के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी। परिवार की ओर से आरोप लगाया गया है कि रागिनी को लंबे समय से मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं थी। रक्षाबंधन पर भाई ने मोबाइल दिया, पति ने रख लिया: परिवार रागिनी के भाई उत्तम मिश्रा ने इस साल रक्षाबंधन पर उन्हें मोबाइल फोन दिया था। परिवार का आरोप है कि धीरज ने इसका विरोध किया और मोबाइल अपने पास रख लिया। रागिनी के भाई गौतम की ओर से पुणे पुलिस को दिए आवेदन में इस बात को परिवार से संपर्क रोकने और मानसिक प्रताड़ना से जोड़ते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। परिजनों का कहना है कि घटना वाले दिन घर में गणपति पूजा की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान धीरज, रागिनी और दोनों बच्चों की तस्वीर भी सामने आई है। तस्वीर में परिवार सामान्य नजर आ रहा है। इसके कुछ घंटे बाद रात में मायके वालों को रागिनी की मौत की सूचना मिली। भाई पुणे पहुंचा तो फ्लैट में पड़ा था शव मौत की सूचना मिलने के बाद रागिनी के भाई गौतम पुणे पहुंचे। उनके मुताबिक, वहां फ्लैट में रागिनी का शव पड़ा मिला। इसके बाद परिवार ने मौत की परिस्थितियों को संदिग्ध बताते हुए पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। रागिनी के पिता रामकिशोर मिश्रा ने भी बेटी की मौत की परिस्थितियों की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि रागिनी की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी। उन्होंने बेटी की गर्दन पर नीले और काले निशान होने की बात भी कही है। शव शासन गांव पहुंचा तो हुई पंचायत रागिनी का शव बाद में समस्तीपुर के शासन गांव लाया गया। यहां मायके और ससुराल पक्ष के लोगों की मौजूदगी में पंचायत हुई। सामने आए वीडियो में ग्रामीण और रिश्तेदार धीरज से रागिनी के मायके वालों से संपर्क और मोबाइल इस्तेमाल को लेकर सवाल करते नजर आ रहे हैं। पंचायत में दोनों बच्चों के भविष्य को लेकर भी चर्चा हुई। पंचायत में धीरज की पैतृक संपत्ति और मकान में दोनों बच्चों का हिस्सा सुरक्षित करने, उनकी पढ़ाई का खर्च उठाने और रागिनी के नाम जमा राशि बच्चों को देने को लेकर फैसले की बात सामने आई है। धीरज के भविष्य में दूसरी शादी नहीं करने और दोनों बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी लेने की सहमति की बात भी कही गई है। बेगूसराय में अंतिम संस्कार, 8 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि बुधवार को रागिनी का शव बेगूसराय लाया गया। इसके बाद सिमरिया घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। रागिनी के 8 वर्षीय बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी।

