संभल में भीम आर्मी का प्रदर्शन:चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले में जांच की मांग, प्रशासन अलर्ट रहा

संभल में भीम आर्मी का प्रदर्शन:चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले में जांच की मांग, प्रशासन अलर्ट रहा

संभल के बहजोई जिला मुख्यालय पर बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी ने प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी कई मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर नीरज द्विवेदी को सौंपा। करीब एक घंटे से ज्यादा चले इस प्रदर्शन को देखते हुए धनारी और बहजोई पुलिस अलर्ट पर रही। सीओ स्तुति सिंह भी मौजूद रही। गोंडा और अयोध्या में हुई हत्याओं, बाराबंकी में राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हुए हमले के आरोप, पंचायत सहायकों की मांगों, 68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़े मामले और धार्मिक स्थलों से संबंधित मुद्दों को उठाया गया। धार्मिक स्थलों से जुड़े मुद्दे पर पार्टी ने सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद और मुरादाबाद की मुस्तफा मस्जिद समेत अन्य इस्लामिक धर्मस्थलों के संबंध में की जा रही कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि ऐसी कार्रवाई कानून और तय प्रक्रिया के हिसाब से होनी चाहिए। गोंडा में विनोद साहनी और रमेश कोरी तथा अयोध्या में राम लगन मौर्या की हत्या के बाद पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे चंद्रशेखर आजाद के काफिले को 13 सितंबर को बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र के बुढ़वल में रोका गया था। इसके बाद पथराव और हिंसक हमले की शिकायत मिली थी। पार्टी ने इस मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच, सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को सुरक्षित रखने और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की। जिलाध्यक्ष शहजाद खान ने बताया कि पार्टी हाईकमान के कहने पर पूरे उत्तर प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर एक दिवसीय प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संभल जिला मुख्यालय पर भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हुए हमले के मामले में कार्रवाई की मांग उठाई। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष गोविंद सागर ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार दलितों, मुस्लिमों और धार्मिक स्थलों को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि इन्हीं मुद्दों के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया है। इस प्रदर्शन में फिरोज खान हिंदुस्तानी, सुधीर कुमार सागर, सोहनलाल उर्फ सोनू, मोहम्मद आसिफ, प्रताप सिंह, सर्वेश कुमार, जितेंद्र अंबेडकर, कर्मवीर सिंह, बाबू, विशाल समेत दर्जनों कार्यकर्ता शामिल रहे।

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