मऊ जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन लार्ड बुद्धा सोशल वेलफेयर सोसायटी के बैनर तले हुआ। ग्रामीणों ने विकासखंड परदहां के रैकवारडीह गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उनका आरोप था कि पर्चा संख्या 23 तैयार करने में अनियमितताएं हुई हैं। ग्रामीणों ने मुख्य राजस्व अधिकारी को ज्ञापन सौंपा, जिसमें पर्चा 23 को निरस्त करने और किसानों की सहमति से दोबारा चक बनाने की मांग की गई। ग्रामीणों ने बताया कि चकबंदी के दौरान कई किसानों के खेतों को उनकी सहमति के बिना बदल दिया गया है। कथित गड़बड़ियों को ठीक किया इससे किसानों को काफी दिक्कत हो रही है। उन्होंने मांग की कि सहायक चकबंदी अधिकारी के स्तर पर ही पर्चा 23 की कथित गड़बड़ियों को ठीक किया जाए। इससे ग्रामीणों को चकबंदी अधिकारी या अन्य अधिकारियों के पास मुकदमेबाजी के लिए नहीं जाना पड़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने रैकवारडीह गांव में मूलभूत सुविधाओं के लिए जमीन सुरक्षित करने की भी मांग की। इनमें सड़क, चक मार्ग, पानी निकासी के लिए नाली, कूड़ा डालने की जगह, बारात घर, सामुदायिक शौचालय, खेल मैदान और अंबेडकर पार्क शामिल हैं। ग्रामीणों ने रैकवारडीह-बटुआ-काझा संपर्क मार्ग से अलग-अलग बस्तियों तक रास्ते की चौड़ाई तय करने की भी मांग की। उन्होंने दलित बस्तियों से भैंसही नदी तक पानी निकासी के लिए नालियां बनाने और कई जगहों पर चक मार्ग देने की भी बात कही। ज्ञापन में रेलवे अंडरपास तक संपर्क मार्ग और पूर्वी दलित बस्ती के आसपास पानी निकासी की व्यवस्था करने की मांग भी शामिल थी। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि साल 1976 में रैकवारडीह ग्राम सभा के अनुसूचित जाति और पिछड़ी जाति के लोगों को आवंटित जमीन पर कब्जा दिलाया जाए। जमीन सुरक्षित करने की मांग इसके अलावा, पानी की टंकी के पास खाली सरकारी जमीन पर कम्युनिटी हॉल और शौचालय के लिए भी जमीन सुरक्षित करने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने एक और मांग रखी कि दलित आबादी से लगी किसी किसान की जमीन पर चक न बनाया जाए। भूमि सुरक्षित करने का निर्देश साथ ही, किसी का चक हटाया भी न जाए, ताकि भविष्य में आबादी के विस्तार और संपर्क मार्गों में कोई दिक्कत न आए। ज्ञापन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को पर्चा 23 की गड़बड़ियों को निरस्त कर पुनः प्रक्रिया कराने तथा जनहित की सुविधाओं के लिए भूमि सुरक्षित करने का निर्देश देने की मांग की गई।

