नवादा में तीज पर्व के दिन घर से निकले बच्चे का शव पानी से बरामद हुआ है। घटना कादिरगंज बाजार की है। मृतक की पहचान शंकर चौधरी का बेटा रोशन कुमार (8) के रूप में हुई है। परिजनों ने अपहरण और हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों के मुताबिक, रोशन गौर जी की मूर्ति नदी में विसर्जित करने के लिए घर से निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों और स्थानीय लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। करीब 12 घंटे तक बच्चे की खोजबीन की गई। बच्चे के शव पर मिले निशान बुधवार को उसका शव पानी से मिला। शव मिलने की खबर के बाद परिवार में मातम छा गया और स्थानीय लोगों का गुस्सा बढ़ गया। परिजनों का आरोप है कि बच्चे के शव पर कई निशान मिले हैं। उन्हें शक है कि उसका अपहरण कर हत्या की गई और फिर शव को पानी में फेंक दिया गया। हालांकि, पुलिस ने अभी हत्या के आरोपों की पुष्टि नहीं की है। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही काफी संख्या में स्थानीय लोग और परिजन सड़क पर उतर आए। गुस्से में लोगों ने जमुई-देवघर जाने वाली सड़क को जाम कर दिया। इस दौरान सड़क पर टायर जलाकर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की गई। लोगों का आरोप है कि बच्चे के लापता होने की सूचना देने के बावजूद पुलिस ने समय रहते ठीक से तलाश नहीं की। रोड जाम होने पर लोगों को हुई परेशानी सड़क जाम होने के कारण जमुई, सिकंदरा, अलीगंज, पकरीबरावां, वारिसलीगंज, रोह, रूपौ और कौआकोल जाने वाले लोगों को परेशानी हुई। मौके पर पहुंची पुलिस लोगों को समझाने और हालात संभालने में लगी रही। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही बच्चे की मौत की सही वजह पता चलेगी। फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस अलर्ट है। नवादा में तीज पर्व के दिन घर से निकले बच्चे का शव पानी से बरामद हुआ है। घटना कादिरगंज बाजार की है। मृतक की पहचान शंकर चौधरी का बेटा रोशन कुमार (8) के रूप में हुई है। परिजनों ने अपहरण और हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों के मुताबिक, रोशन गौर जी की मूर्ति नदी में विसर्जित करने के लिए घर से निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों और स्थानीय लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। करीब 12 घंटे तक बच्चे की खोजबीन की गई। बच्चे के शव पर मिले निशान बुधवार को उसका शव पानी से मिला। शव मिलने की खबर के बाद परिवार में मातम छा गया और स्थानीय लोगों का गुस्सा बढ़ गया। परिजनों का आरोप है कि बच्चे के शव पर कई निशान मिले हैं। उन्हें शक है कि उसका अपहरण कर हत्या की गई और फिर शव को पानी में फेंक दिया गया। हालांकि, पुलिस ने अभी हत्या के आरोपों की पुष्टि नहीं की है। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही काफी संख्या में स्थानीय लोग और परिजन सड़क पर उतर आए। गुस्से में लोगों ने जमुई-देवघर जाने वाली सड़क को जाम कर दिया। इस दौरान सड़क पर टायर जलाकर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की गई। लोगों का आरोप है कि बच्चे के लापता होने की सूचना देने के बावजूद पुलिस ने समय रहते ठीक से तलाश नहीं की। रोड जाम होने पर लोगों को हुई परेशानी सड़क जाम होने के कारण जमुई, सिकंदरा, अलीगंज, पकरीबरावां, वारिसलीगंज, रोह, रूपौ और कौआकोल जाने वाले लोगों को परेशानी हुई। मौके पर पहुंची पुलिस लोगों को समझाने और हालात संभालने में लगी रही। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही बच्चे की मौत की सही वजह पता चलेगी। फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस अलर्ट है।

