₹2000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर 0.4% चार्ज:15 अक्टूबर से यह कारोबारियों से लिया जाएगा, अभी 4 साल में सरकार ने ₹8276 करोड़ खर्चा उठाया

₹2000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर 0.4% चार्ज:15 अक्टूबर से यह कारोबारियों से लिया जाएगा, अभी 4 साल में सरकार ने ₹8276 करोड़ खर्चा उठाया

UPI से ₹2,000 से ज्यादा पेमेंट पर 0.4% चार्ज लगेगा। फीस की मैक्सिमम लिमिट 300 रुपए तक की गई है। यह अमाउंट अलग-अलग ट्रांजैक्शन पर निर्भर करेगा। यह शुल्क ग्राहकों से नहीं बिजनेसमैन से लिया जाएगा। हालांकि ₹2,000 तक पेमेंट करने पर ग्राहक और बिजनेसमैन दोनों से किसी तरह की फीस नहीं ली जाएगी। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को नोटिफिकेशन जारी कर यह स्थिति साफ कर दी थी। RuPay डेबिट कार्ड से होने वाले पेमेंट को भी इस छूट में शामिल किया गया है। सरकार ने UPI को बढ़ावा देने और फ्री रखने के लिए 2021-22 में प्रोत्साहन योजना शुरू की। इसके तहत ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर 0.15% इंसेंटिव दिया गया। 2024-25 तक ₹8,276 करोड़ का इंसेंटिव दिया जा चुका था। जून 2026 तक देश में करीब 55.5 करोड़ UPI यूजर्स थे। सरकार ने छोटे दुकानदारों के लिए प्रोत्साहन योजना शुरू की थी सरकार ने UPI को प्रमोट करने और फ्री रखने के लिए 2021-22 से प्रोत्साहन योजना शुरू की थी। इसके तहत ग्राहक से छोटे दुकानदार को होने वाले ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर 0.15% इंसेंटिव दिया जाता था। 2024-25 तक इस पर ₹8,276 करोड़ का इंसेंटिव दिया गया। देश में जून 2026 तक करीब 55.5 करोड़ UPI यूजर्स थे। 5 सवाल-जवाब में वह सब कुछ जो आपको जानना जरूरी है… सवाल: ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर सरकार ने फीस लगाने का फैसला क्यों लिया? जवाब: इसकी बड़ी वजह बड़े कारोबारी पेमेंट हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दुकानदारों को ₹198 लाख करोड़ यूपीआई से पेमेंट हुए। इनमें ₹2,000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन सिर्फ 4% हुए, लेकिन इनकी कुल वैल्यू ₹131 लाख करोड़ थी। जो कुल पेमेंट का 66% है। इसे एक आसान उदाहरण से समझिए- मान लीजिए किसी दुकान पर 100 UPI पेमेंट हुए। इनमें 96 पेमेंट ₹2,000 या उससे कम के हैं और सिर्फ 4 पेमेंट ₹2,000 से ज्यादा के। संख्या में ये 4 पेमेंट बहुत कम हैं, लेकिन इनमें कार, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स या दूसरे महंगे सामान की खरीदारी के कारण बहुत बड़ी रकम शामिल हो सकती है। वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़ों में भी यही तस्वीर दिखी। दुकानदारों को किए गए UPI पेमेंट में ₹2,000 से ज्यादा वाले ट्रांजैक्शन करीब 4% ही थे, लेकिन कुल रकम में इनकी हिस्सेदारी करीब दो-तिहाई थी। यानी और आसान भाषा में कहें तो हर 100 में सिर्फ 4 बड़े पेमेंट, लेकिन UPI से दुकानदारों को मिलने वाले हर ₹100 में करीब ₹67 इन्हीं पेमेंट से आए। सवाल: MDR क्या होता है और यह किससे लिया जाता है? जवाब: MDR यानी Merchant Discount Rate। आसान भाषा में यह डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने की सुविधा के बदले दुकानदार या कारोबारी से लिया जाने वाला शुल्क है। कार्ड पेमेंट में इस तरह का शुल्क पहले से मौजूद है। सवाल: MDR का असर ग्राहक पर पड़ेगा या दुकानदार पर? जवाब: MDR मर्चेंट से जुड़ा शुल्क है, इसलिए इसका सीधा असर दुकानदार या कारोबारी की पेमेंट लागत पर पड़ेगा। हालांकि, अगर कारोबारी की लागत बढ़ती है तो वह इसे अपनी कारोबारी लागत में शामिल कर सकता है। इसका असर सामान या सेवा की कीमत पर पड़ेगा या नहीं, यह आगे के नियमों और बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा। सवाल: क्या छोटे दुकानदारों को छूट मिलेगी, ग्राहक पर बोझ तो नहीं पड़ेगा? जवाब: हर महीने 1 लाख रुपये तक प्राप्त करने वाले छोटे दुकानदारों के सभी लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। UPI ऐप प्रोवाइडर्स को प्लेटफॉर्म फीस या छिपे हुए शुल्क लगाने की अनुमति नहीं होगी। बैंकों को सलाह दी गई है कि दुकानदार UPI भुगतान का MDR शुल्क ग्राहकों से न वसूलें। सवाल: सरकार ने कानून में बदलाव क्यों किया? जवाब: सरकार का कहना है कि UPI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसे सुरक्षित रखने, साइबर फ्रॉड रोकने, तकनीक अपग्रेड करने और पेमेंट सिस्टम को मजबूत बनाए रखने में लगातार खर्च होता है। कानून में बदलाव को इसी लंबे समय की जरूरत से जोड़ा गया है। 5 उदाहरण… जब-जब मर्चेंट फीस लगी, बोझ ग्राहकों पर ही पड़ा विपक्ष बोला- सरकार ने चुपचाप UPI पर फीस का रास्ता खोला UPI कैसे काम करता है? UPI सर्विस के लिए आपको एक वर्चुअल पेमेंट एड्रेस तैयार करना होता है। इसके बाद इसे बैंक अकाउंट से लिंक करना होगा। इसके बाद आपका बैंक अकाउंट नंबर, बैंक का नाम या IFSC कोड आदि याद रखने की जरूरत नहीं होती। पेमेंट करने वाला बस आपके मोबाइल नंबर के हिसाब से पेमेंट रिक्वेस्ट प्रोसेस करता है। अगर, आपके पास उसका UPI आईडी (ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर या आधार नंबर) है तो आप अपने स्‍मार्टफोन के जरिए आसानी से पैसा भेज सकते हैं। न सिर्फ पैसा बल्कि यूटिलिटी बिल पेमेंट, ऑनलाइन शॉपिंग, खरीदारी आदि के लिए नेट बैंकिंग, क्रेडिट या डेबिट कार्ड भी जरूरत नहीं होगी। ये सभी काम आप यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस सिस्टम से कर सकते हैं। भारत में UPI का नेटवर्क कितना बड़ा? जुलाई 2026 तक 741 बैंक UPI से जुड़े थे। सिर्फ जुलाई में करीब 2,366 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल रकम करीब ₹29.88 लाख करोड़ रही। वित्त वर्ष 2025-26 में देश के कुल डिजिटल पेमेंट में UPI की हिस्सेदारी करीब 84% रही। यानी छोटे दुकानों से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग और बड़े पेमेंट तक, UPI रोजमर्रा के डिजिटल पेमेंट का सबसे अहम जरिया बन चुका है। ———– ये खबर भी पढ़ें… फोन-पे से बिना पिन डाले होंगे UPI पेमेंट:फिंगरप्रिंट और फेस आईडी से कर सकेंगे ₹5000 तक का भुगतान डिजिटल पेमेंट दिग्गज फोन-पे (PhonePe) ने अपने यूजर्स के लिए एक खास फीचर लॉन्च किया है। अब यूपीआई (UPI) ट्रांजेक्शन करने के लिए बार-बार 4 या 6 अंकों का पिन (PIN) डालने की जरूरत नहीं होगी। पूरी खबर पढ़ें…

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