एशियन गेम्स के लिए भारतीय खिलाड़ियों की तैयारी पर 708 करोड़ रुपए खर्च किए गए। यह जानकारी खेल मंत्रालय ने मंगलवार को दी। मंत्रालय ने बताया कि यह राशि ट्रेनिंग, इक्विपमेंट्स, कोच की सैलरी में खर्च हुई है। एशियन गेम्स 19 सितंबर से जापान के आइची-नगोया में शुरू होंगे। भारत ने 36 खेलों में 501 एथलीट और 265 सपोर्ट स्टाफ का दल भेजा है।भारतीय दल में 267 पुरुष और 234 महिला एथलीट हैं। भारत के 310 खिलाड़ी पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा लेंगे। पिछले एशियन गेम्स में भारत ने 100 से ज्यादा मेडल जीते भारत ने 2022 में हुए हांगझोउ एशियन गेम्स में 106 मेडल जीते थे। इनमें 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 40 ब्रॉन्ज शामिल थे। टारगेट ओलिंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) के CEO एनएस जौहल ने कहा कि भारतीय एथलीटों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए जरूरी संसाधन मिले हैं। TOPS की शुरुआत 2014 में हुई थी। इसका मकसद ओलिंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे मल्टी स्पोर्ट्स इवेंट्स के लिए खिलाड़ियों को सपोर्ट देना था। इस स्कीम के तहत भारत सरकार टैलेंटेड खिलाड़ियों के जरूरी खर्च उठाती है। तैयारियों के लिए खर्च की गई 708 करोड़ रुपए की राशि में से करीब 98 करोड़ रुपए TOPS स्कीम के तहत खर्च किए गए। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अनुभव दिलाने पर 251.4 करोड़ रुपए खर्च किए गए। घरेलू ट्रेनिंग पर 118.3 करोड़ रुपए खर्च हुए। तैयारियों के लिए नौ बैठकें हुईं जौहल ने बताया कि इस साल जनवरी से टारगेट एशियन गेम्स ग्रुप की नौ कोऑर्डिनेशन बैठकें हो चुकी हैं। खिलाड़ियों को बेहतर माहौल देने की कोशिश की गई। दल में स्पोर्ट्स साइंस स्टाफ पर जोर जौहल ने कहा कि TOPS ने दल में फिजियो, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों की पर्याप्त मौजूदगी सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि हर टीम में महिला सपोर्ट स्टाफ है। सपोर्ट स्टाफ में एक-तिहाई लोग स्पोर्ट्स साइंस से जुड़े हैं।”
एशियन गेम्स के लिए भारतीय खिलाड़ियों पर 708 करोड़ खर्च:501 एथलीट लेंगे हिस्सा, 310 खिलाड़ी पहली बार इस इवेंट में उतरेंगे

