अमेरिका में रूस की बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने मंगलवार को पांच लोगों पर रूसी खुफिया एजेंसियों के लिए काम करने का आरोप लगाया गया है।
ये लोग दुनिया भर में, खासकर अमेरिका में हमले और हत्या की साजिश रच रहे थे। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि इनके निशाने पर रूसी विरोधियों को रखा गया था।
40 हजार डॉलर का ऑफर दिया गया
ट्रंप प्रशासन ने बताया कि वाशिंगटन डीसी इलाके में रहने वाले एक रूसी शख्स को मारने की कोशिश की गई। जांचकर्ताओं के मुताबिक, एक अमेरिकी नागरिक को 40 हजार डॉलर का ऑफर दिया गया था कि वह अमेरिका में रहने वाले किसी व्यक्ति को खत्म कर दे या गायब कर दे।
इसी तरह पिछले साल एक और अमेरिकी व्यक्ति को 25 हजार डॉलर का लालच देकर लिथुआनिया में रहने वाले व्यक्ति की हत्या के लिए उकसाया गया। आरोपियों में रूसी नागरिक यूरी ख्रामीव (63 साल) और उनके बेटे किरिल ख्रामीव (27 साल) शामिल हैं।
अन्य आरोपियों में ये लोग शामिल
इस मामले में क्यूबा के दो नागरिक ओमिस रोमागोजा दुरुथी (35) और याइडेल डेलगाडो सुआरेज (35) तथा वेनेजुएला के एंजेल एडुआर्डो कास्त्रो (22) पर भी आरोप लगाए गए हैं।
इन पांचों पर पैसे लेकर आतंकवाद फैलाने की साजिश करने का मुकदमा चलाया जा रहा है। यूरी ख्रामीव, सुआरेज और कास्त्रो पर हत्या कराने की साजिश का भी आरोप है। सभी आरोपी अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन के डर से सभी आरोपियों से अमेरिका छोड़ दिया है।
अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांच ने पत्रकारों से कहा कि ये साजिशें रूसी विरोधियों पर नजर रखने, उन्हें भर्ती करने और हत्या करने तक की थीं। इस नेटवर्क ने अमेरिका में कई लोगों को भर्ती किया था। इनमें से कुछ को रूसी असंतुष्टों की निगरानी का काम दिया गया।
रूसी दूतावास ने नहीं दिया जवाब
हालांकि, रूस के दूतावास ने इस खबर पर अभी कोई जवाब नहीं दिया है। रूस ने पहले भी विदेशी धरती पर, खासकर अमेरिका में, ऐसी साजिशों से इनकार किया है। अमेरिकी अदालत में ये आरोपपत्र खुले तौर पर पेश किया गया है। अब आगे की जांच और गिरफ्तारियों का इंतजार है।



Lavrov cites Putin: Russia has no desire to attack Europe, but if Europe attacks, the war will be short and decisive.