बाढ़ग्रस्त इलाका घोषित करने की मांग पर अनशन:शेखपुरा में जलजमाव का स्थायी समाधान करने की मांग

बाढ़ग्रस्त इलाका घोषित करने की मांग पर अनशन:शेखपुरा में जलजमाव का स्थायी समाधान करने की मांग

शेखपुरा जिले के घाटकुसुम्भा प्रखंड में मंगलवार से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन और भूख हड़ताल शुरू हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राज मंडल ने अपने समर्थकों के साथ यह आंदोलन शुरू किया है। वे क्षेत्र को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग कर रहे हैं। यह अनशन घाटकुसुम्भा प्रखंड मुख्यालय स्थित दुर्गा मंदिर के पास हो रहा है। इसका आयोजन “घाटकुसुम्भा प्रखंड की आम जनता” के बैनर तले किया जा रहा है। अनशनकारियों का कहना है कि घाटकुसुम्भा प्रखंड के कई गांवों में गंगा की सहायक हरोहर नदी में आई बाढ़ के कारण लंबे समय से जलजमाव की समस्या है। खेतों में पानी भरा होने से किसानों की फसलें खराब हो रही हैं। ग्रामीणों को आने-जाने, रोजगार, पशुओं के चारे और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग की इसके बावजूद, प्रभावित इलाके को अभी तक बाढ़ग्रस्त घोषित नहीं किया गया है। उन्हें सरकारी सुविधाएं और राहत नहीं मिल पा रही है। अनशनकारियों ने पड़ोसी लखीसराय जिले के बड़हिया प्रखंड का उदाहरण दिया। उनका कहना है कि वहां बाढ़ पीड़ितों को सरकारी मदद मिलती है, लेकिन घाटकुसुम्भा क्षेत्र के कोयला गांव सहित अन्य ग्रामीणों को ऐसी ही स्थिति में भी राहत नहीं मिल रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि वे जमीनी हालात का जायजा लें और प्रभावित गांवों का सर्वे कराएं। साथ ही, घाटकुसुम्भा प्रखंड को तुरंत बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने के लिए जरूरी कार्रवाई करें। भूख हड़ताल जारी रखने की दी चेतावनी आंदोलनकारी पप्पू राज मंडल ने कहा कि यह अनशन किसी निजी फायदे के लिए नहीं है। यह घाटकुसुम्भा प्रखंड की आम जनता और बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के अधिकारों और उनकी समस्याओं के लिए किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि क्षेत्र की असली स्थिति को देखते हुए घाटकुसुम्भा प्रखंड को बाढ़ग्रस्त घोषित किया जाए। साथ ही, प्रभावित लोगों को सरकारी राहत और अन्य जरूरी सुविधाएं दी जाएं। ग्रामीणों की जायज मांग पर गंभीरता से विचार कर उचित कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन आमरण अनशन एवं भूख हड़ताल जारी रहेगा। अनशन कार्यक्रम को स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी समर्थन मिल रहा है। जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग शिवशंकर महतो, रघुनन्दन कुमार, सचिन कुमार, दीपक कुमार, रामाश्रय मुखिया, सुरेन्द्र साव, सहित अन्य सहयोगियों ने अनशन को पूर्ण रूपेण समर्थन देने की बात कही है। समर्थन में पहुंचे लोगों ने कहा कि घाटकुसुम्भा प्रखंड के ग्रामीण लंबे समय से जलजमाव और बाढ़ की समस्या झेल रहे हैं। ऐसे में प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित लोगों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। अनशन स्थल पर लोगों ने एकजुट होकर घाटकुसुम्भा प्रखंड को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने, प्रभावित ग्रामीणों को सरकारी सुविधाएं एवं राहत उपलब्ध कराने तथा जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग उठाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन द्वारा ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है। शेखपुरा जिले के घाटकुसुम्भा प्रखंड में मंगलवार से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन और भूख हड़ताल शुरू हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राज मंडल ने अपने समर्थकों के साथ यह आंदोलन शुरू किया है। वे क्षेत्र को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग कर रहे हैं। यह अनशन घाटकुसुम्भा प्रखंड मुख्यालय स्थित दुर्गा मंदिर के पास हो रहा है। इसका आयोजन “घाटकुसुम्भा प्रखंड की आम जनता” के बैनर तले किया जा रहा है। अनशनकारियों का कहना है कि घाटकुसुम्भा प्रखंड के कई गांवों में गंगा की सहायक हरोहर नदी में आई बाढ़ के कारण लंबे समय से जलजमाव की समस्या है। खेतों में पानी भरा होने से किसानों की फसलें खराब हो रही हैं। ग्रामीणों को आने-जाने, रोजगार, पशुओं के चारे और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग की इसके बावजूद, प्रभावित इलाके को अभी तक बाढ़ग्रस्त घोषित नहीं किया गया है। उन्हें सरकारी सुविधाएं और राहत नहीं मिल पा रही है। अनशनकारियों ने पड़ोसी लखीसराय जिले के बड़हिया प्रखंड का उदाहरण दिया। उनका कहना है कि वहां बाढ़ पीड़ितों को सरकारी मदद मिलती है, लेकिन घाटकुसुम्भा क्षेत्र के कोयला गांव सहित अन्य ग्रामीणों को ऐसी ही स्थिति में भी राहत नहीं मिल रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि वे जमीनी हालात का जायजा लें और प्रभावित गांवों का सर्वे कराएं। साथ ही, घाटकुसुम्भा प्रखंड को तुरंत बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने के लिए जरूरी कार्रवाई करें। भूख हड़ताल जारी रखने की दी चेतावनी आंदोलनकारी पप्पू राज मंडल ने कहा कि यह अनशन किसी निजी फायदे के लिए नहीं है। यह घाटकुसुम्भा प्रखंड की आम जनता और बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के अधिकारों और उनकी समस्याओं के लिए किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि क्षेत्र की असली स्थिति को देखते हुए घाटकुसुम्भा प्रखंड को बाढ़ग्रस्त घोषित किया जाए। साथ ही, प्रभावित लोगों को सरकारी राहत और अन्य जरूरी सुविधाएं दी जाएं। ग्रामीणों की जायज मांग पर गंभीरता से विचार कर उचित कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन आमरण अनशन एवं भूख हड़ताल जारी रहेगा। अनशन कार्यक्रम को स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी समर्थन मिल रहा है। जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग शिवशंकर महतो, रघुनन्दन कुमार, सचिन कुमार, दीपक कुमार, रामाश्रय मुखिया, सुरेन्द्र साव, सहित अन्य सहयोगियों ने अनशन को पूर्ण रूपेण समर्थन देने की बात कही है। समर्थन में पहुंचे लोगों ने कहा कि घाटकुसुम्भा प्रखंड के ग्रामीण लंबे समय से जलजमाव और बाढ़ की समस्या झेल रहे हैं। ऐसे में प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित लोगों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। अनशन स्थल पर लोगों ने एकजुट होकर घाटकुसुम्भा प्रखंड को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने, प्रभावित ग्रामीणों को सरकारी सुविधाएं एवं राहत उपलब्ध कराने तथा जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग उठाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन द्वारा ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *