बांदा जिले के ग्रामीण इलाकों में रात के समय हो रही अघोषित बिजली कटौती को लेकर पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री विशम्भर प्रसाद निषाद ने शिकायत की है। उन्होंने मंगलवार दोपहर 2 बजे दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, बांदा क्षेत्र के मुख्य अभियंता को शिकायत पत्र सौंपा। इसमें उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार के निर्देश के अनुसार बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने की मांग की है। शिकायत पत्र में पूर्व सांसद ने बताया कि जसपुरा, तिंदवारी, बड़ोखरखुर्द समेत जिले के लगभग सभी ब्लॉकों के ग्रामीण इलाकों में रात के समय अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। इससे ग्रामीणों को कई तरह की दिक्कतें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि रात में लंबे समय तक बिजली गुल रहने से ग्रामीण इलाकों में लोगों की जिंदगी पर असर पड़ रहा है। उन्होंने शिकायत में बताया कि धान की खेती करने वाले किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। बिजली कटौती के कारण किसान समय पर खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं, जिससे फसल खराब होने की आशंका है। वहीं बरसात के मौसम में रात के समय बिजली न रहने से ग्रामीणों के सामने जहरीले कीड़े-मकोड़ों का खतरा रहता है। अंधेरे की वजह से लोगों को घरों और आसपास के क्षेत्रों में निकलने में परेशानी होती है। शिकायत पत्र में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने की बात भी कही गई है। पूर्व सांसद का कहना है कि रात में बिजली कटौती होने से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को पढ़ाई करने में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देश के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 20 घंटे बिजली सप्लाई होनी चाहिए, लेकिन अभी ग्रामीण इलाकों में करीब 10 घंटे ही बिजली सप्लाई मिल पा रही है। इससे ग्रामीण परेशान हैं। पूर्व सांसद विशम्भर प्रसाद निषाद ने मुख्य अभियंता से जनहित में रात की अघोषित बिजली कटौती बंद कराने और सरकार के निर्देश के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 20 घंटे बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश देने की मांग की है।

