पटना जंक्शन परिसर में मेट्रो स्टेशन का इंट्री और एग्जिट गेट देने के लिए मदनी मुसाफिरखाना तोड़ा जाएगा। यह जमायत उलमा बिहार का है। जंक्शन परिसर क्षेत्र में बने दूध मार्केट, ऑटो स्टैंड सहित दर्जनों दुकानों को भी हटाया जाएगा। पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रस्ताव पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है। रेल परिसर के सामने वाले हिस्से को खाली कराने के लिए जिला प्रशासन ने एक दर्जन से अधिक लोगों को नोटिस जारी किए हैं। जिला भू-अर्जन कार्यालय के नोटिस में कहा गया है कि यदि जमीन पर दावा है तो दस्तावेज के साथ आवेदन दें। जमीन, दुकान, भवन का मुआवजा मिलेगा। अबतक चार लोगों ने जमीन पर दावा पेश करते हुए आवेदन दिया है। इनके दस्तावेजों की जांच चल रही है। शेष लोगों ने अबतक नोटिस का जवाब नहीं दिया है। आसपास की दर्जनों दुकानें हटाई जाएंगी तीन तल का इंटरचेंज स्टेशन बनेगा पटना जंक्शन के सामने तीन तल का अंडरग्राउंड मेट्रो इंटरचेंज स्टेशन बनेगा। यहां से कॉरिडोर वन और कॉरिडोर टू लाइन में आने-जाने के लिए गाड़ी बदलने की सुविधा होगी। कॉरिडोर वन का हिस्सा दानापुर से पटना जंक्शन होते खेमनीचक है। इसमें दानापुर, सगुना मोड़, आरपीएस, पाटलिपुत्र, रुकनपुरा, राजाबाजार, पटना जू, विकास भवन, विद्युत भवन, पटना स्टेशन, मीठापुर, रामकृष्णा नगर, जगनपुरा और खेमनीचक शामिल हैं। कॉरिडोर टू का हिस्सा पटना जंक्शन से आईएसबीटी तक है। इसमें पटना जंक्शन, आकाशवाणी, गांधी मैदान, पीएमसीएच, पटना विवि, मोइनुल हक स्टेडियम, राजेंद्रनगर, मलाही पकड़ी, खेमनीचक, भूतनाथ, जीरो माइल और आईएसबीटी शामिल हैं। जंक्शन पर उतरकर सीधे मेट्रो स्टेशन पटना जंक्शन से अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन तक जाने के लिए परिसर में रास्ता होगा। पटना जंक्शन पर उतरकर यात्री सीधा मेट्रो स्टेशन जा सकेंगे। मेट्रो के अधिकारियों के मुताबिक एक रास्ता बुद्धपार्क, एक रास्ता चिरैयाटांड़ पुल और एक रास्ता मल्टी मॉडल हब की तरफ होगा। चारों दिशाओं से आने वाले यात्री मेट्रो से सफर करने के लिए जा सकेंगे। इसी तरह अन्य जगहों से सफर कर यात्री अपने-अपने इलाके की ओर बाहर निकल सकेंगे। अभी 6.2 किमी में हो रहा परिचालन अभी पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से लेकर मलाही पकड़ी तक 6.2 किमी एलिवेटेड मेट्रो का परिचालन हो रहा है। अगले महीने से मेट्रो खेमनीचक स्टेशन पर रुकेगी। खेमनीचक से मीठापुर तक एलिवेटेड मेट्रो का परिचालन जून 2027 में चालू होगा। मलाही पकड़ी से पटना विवि होते पटना जंक्शन का अंडरग्राउंड रूट वर्ष 2028 में चालू करने का लक्ष्य है। शेष कॉरिडोर वन का हिस्सा वर्ष 2030 तक चालू किया जाएगा। आगे क्या होगा : जवाब नहीं देने वालों को दोबारा नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी जवाब नहीं मिलने पर माना जाएगा कि संबंधित व्यक्ति का दावा नहीं है। यह जमीन सरकारी है। वहीं, जिन लोगों ने दावा किया है उनके दस्तावेज की जांच होगी। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी रवि रंजन गुप्ता ने कहा कि दस्तावेज सही पाए जाने पर मुआवजा दिया जाएगा। उसके बाद जिला प्रशासन जमीन को खाली कराएगा। पटना जंक्शन परिसर में मेट्रो स्टेशन का इंट्री और एग्जिट गेट देने के लिए मदनी मुसाफिरखाना तोड़ा जाएगा। यह जमायत उलमा बिहार का है। जंक्शन परिसर क्षेत्र में बने दूध मार्केट, ऑटो स्टैंड सहित दर्जनों दुकानों को भी हटाया जाएगा। पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रस्ताव पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है। रेल परिसर के सामने वाले हिस्से को खाली कराने के लिए जिला प्रशासन ने एक दर्जन से अधिक लोगों को नोटिस जारी किए हैं। जिला भू-अर्जन कार्यालय के नोटिस में कहा गया है कि यदि जमीन पर दावा है तो दस्तावेज के साथ आवेदन दें। जमीन, दुकान, भवन का मुआवजा मिलेगा। अबतक चार लोगों ने जमीन पर दावा पेश करते हुए आवेदन दिया है। इनके दस्तावेजों की जांच चल रही है। शेष लोगों ने अबतक नोटिस का जवाब नहीं दिया है। आसपास की दर्जनों दुकानें हटाई जाएंगी तीन तल का इंटरचेंज स्टेशन बनेगा पटना जंक्शन के सामने तीन तल का अंडरग्राउंड मेट्रो इंटरचेंज स्टेशन बनेगा। यहां से कॉरिडोर वन और कॉरिडोर टू लाइन में आने-जाने के लिए गाड़ी बदलने की सुविधा होगी। कॉरिडोर वन का हिस्सा दानापुर से पटना जंक्शन होते खेमनीचक है। इसमें दानापुर, सगुना मोड़, आरपीएस, पाटलिपुत्र, रुकनपुरा, राजाबाजार, पटना जू, विकास भवन, विद्युत भवन, पटना स्टेशन, मीठापुर, रामकृष्णा नगर, जगनपुरा और खेमनीचक शामिल हैं। कॉरिडोर टू का हिस्सा पटना जंक्शन से आईएसबीटी तक है। इसमें पटना जंक्शन, आकाशवाणी, गांधी मैदान, पीएमसीएच, पटना विवि, मोइनुल हक स्टेडियम, राजेंद्रनगर, मलाही पकड़ी, खेमनीचक, भूतनाथ, जीरो माइल और आईएसबीटी शामिल हैं। जंक्शन पर उतरकर सीधे मेट्रो स्टेशन पटना जंक्शन से अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन तक जाने के लिए परिसर में रास्ता होगा। पटना जंक्शन पर उतरकर यात्री सीधा मेट्रो स्टेशन जा सकेंगे। मेट्रो के अधिकारियों के मुताबिक एक रास्ता बुद्धपार्क, एक रास्ता चिरैयाटांड़ पुल और एक रास्ता मल्टी मॉडल हब की तरफ होगा। चारों दिशाओं से आने वाले यात्री मेट्रो से सफर करने के लिए जा सकेंगे। इसी तरह अन्य जगहों से सफर कर यात्री अपने-अपने इलाके की ओर बाहर निकल सकेंगे। अभी 6.2 किमी में हो रहा परिचालन अभी पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से लेकर मलाही पकड़ी तक 6.2 किमी एलिवेटेड मेट्रो का परिचालन हो रहा है। अगले महीने से मेट्रो खेमनीचक स्टेशन पर रुकेगी। खेमनीचक से मीठापुर तक एलिवेटेड मेट्रो का परिचालन जून 2027 में चालू होगा। मलाही पकड़ी से पटना विवि होते पटना जंक्शन का अंडरग्राउंड रूट वर्ष 2028 में चालू करने का लक्ष्य है। शेष कॉरिडोर वन का हिस्सा वर्ष 2030 तक चालू किया जाएगा। आगे क्या होगा : जवाब नहीं देने वालों को दोबारा नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी जवाब नहीं मिलने पर माना जाएगा कि संबंधित व्यक्ति का दावा नहीं है। यह जमीन सरकारी है। वहीं, जिन लोगों ने दावा किया है उनके दस्तावेज की जांच होगी। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी रवि रंजन गुप्ता ने कहा कि दस्तावेज सही पाए जाने पर मुआवजा दिया जाएगा। उसके बाद जिला प्रशासन जमीन को खाली कराएगा।

