पलवल जिले के मंडकोला में हुई 52 पालों की पंचायत में समाज सुधार के जो फैसले लिए गए थे, उन्हें अब नूंह जिले में लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। इन फैसलों को सिर्फ पंचायत तक सीमित न रखकर गांव-गांव तक पहुंचाने और उनका पालन करवाने के लिए 20 सितंबर को नूंह के गांव किरा स्थित गोशाला में एक पंचायत बुलाई जाएगी। इस पंचायत में नौ गांवों के ग्रामीणों को एक साथ बुलाकर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। पंचायत की तैयारियों को लेकर सोमवार को एक बैठक हुई। बैठक में गोशाला समिति के प्रधान योगेश शर्मा, गोसेवा आयोग के सदस्य सुरेंद्र प्रताप देशवाल, राजू सरपंच, रामकिशन भगत, राहुल सौरोत और खेमी देशवाल जैसे कई खास लोग मौजूद थे। पंचायत में शामिल होंगे 9 गांवों के लोग आयोजकों ने बताया कि 20 सितंबर की पंचायत में आलदोका, किरा, छछेड़ा, छपेड़ा, कुर्थला, पोंड़री, बैंसी, कुतुबगढ़ और मैलावास गांवों के ग्रामीणों को बुलाया जाएगा। पंचायत में ग्रामीणों की राय और सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद गांव स्तर पर कमेटियां बनाने और समाज सुधार के फैसलों को लागू करने की जिम्मेदारी तय करने पर विचार किया जाएगा। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि किसी भी बड़े सामाजिक बदलाव के लिए सिर्फ महापंचायत में प्रस्ताव पास करना काफी नहीं है। जब तक फैसलों को गांव स्तर पर लागू करने की जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तब तक उनका जैसा असर चाहते हैं, वैसा नहीं दिखेगा। इसी सोच के साथ नूंह जिले में गांव-गांव कमेटियां बनाने की योजना बन रही है। सामाजिक बुराईयों के खिलाफ चलाया जाएगा अभियान आयोजकों का कहना है कि इन कमेटियों के जरिए ग्रामीणों को साथ लेकर सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलेगा। साथ ही, महापंचायत में लिए गए फैसलों के पालन पर भी नजर रखी जाएगी। 20 सितंबर को होने वाली पंचायत में ग्रामीणों की सहमति और सुझावों के आधार पर आगे की योजना तय की जाएगी।

