ओसामा बिन लादेन को मारने से क्यों पीछे हटी थी अमेरिका, पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने सालों बाद किया खुलासा

ओसामा बिन लादेन को मारने से क्यों पीछे हटी थी अमेरिका, पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने सालों बाद किया खुलासा

Bill Clinton 9/11 Attacks Story: 11 सितंबर 2001 का आतंकी हमला अमेरिका के इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में गिना जाता है। इस हमले में हजारों लोगों की जान गई थी। अब सालों बाद पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने 9/11 से पहले ओसामा बिन लादेन को पकड़ने या खत्म करने की कोशिश को लेकर बड़ा खुलासा किया है। क्लिंटन ने कहा- ‘CIA ने एक ऑपरेशन को आखिरी समय में इसलिए रोक दिया था, क्योंकि एजेंसी को डर था कि मिशन असफल होने पर बड़ी संख्या में आम लोगों की जान जा सकती है।’

क्लिंटन ने दी थी बिन लादेन को खत्म करने की मंजूरी

बिल क्लिंटन ने बताया कि उन्होंने CIA को बिन लादेन के खिलाफ कार्रवाई की मंजूरी दी थी। उनकी प्राथमिकता उसे रोकना थी। अगर संभव होता, तो वे उसे जिंदा पकड़ना चाहते थे। लेकिन जरूरत पड़ने पर उसे खत्म करने से भी पीछे नहीं हटना था। CIA ने एक ऐसे प्लान पर काम किया था, जिसके सफल होने की उन्हें उम्मीद थी। हालांकि, ऑपरेशन शुरू होने से पहले ही एजेंसी ने इसे रोक दिया।

क्लिंटन ने कहा कि उन्हें इस फैसले पर गुस्सा और निराशा हुई थी। उन्हें लगता था कि शायद वह ऑपरेशन सफल हो सकता था। लेकिन CIA अधिकारियों को नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बड़ा डर था।

CIA को आम लोगों की मौत का था डर

क्लिंटन के मुताबिक, बिन लादेन के खिलाफ कार्रवाई बेहद जोखिम भरी थी। अगर ऑपरेशन में थोड़ी भी चूक होती, तो निर्दोष लोग मारे जा सकते थे। CIA इसी खतरे को लेकर पीछे हट गई। क्लिंटन ने कहा कि उन्होंने एजेंसी के फैसले पर शक नहीं किया। हालांकि, बाद में उन्हें हमेशा लगा कि बिन लादेन को पकड़ने के लिए और ज्यादा कोशिश की जानी चाहिए थी। बिन लादेन लंबे समय से अमेरिका के लिए सबसे बड़ा खतरा लगता था। उनके मुताबिक, उसके पास पैसा भी था और बड़ी आतंकी कार्रवाई करने की क्षमता भी।

दूसरे विमान के टकराते ही समझ गए थे हमला किसने किया

9/11 के दिन क्लिंटन ऑस्ट्रेलिया में थे। उनकी पत्नी हिलेरी क्लिंटन वॉशिंगटन में थीं। उनकी बेटी चेल्सी लोअर मैनहैटन में थी। परिवार उससे संपर्क नहीं कर पा रहा था। क्लिंटन टीवी पर हमले की तस्वीरें देख रहे थे। जैसे ही दूसरा विमान वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की इमारत से टकराया, उन्हें शक नहीं रहा कि इसके पीछे बिन लादेन है।

उन्होंने कहा कि उस समय बिन लादेन के पास अमेरिका पर हमला करने की क्षमता और इरादा दोनों थे। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि उस वक्त हालात बेहद भयावह थे। बाद में 2 मई 2011 को अमेरिकी नेवी सील्स ने पाकिस्तान के एबटाबाद में ऑपरेशन किया। इस कार्रवाई में ओसामा बिन लादेन मारा गया।

क्लिंटन ने अब यह भी कहा है कि न्यूयॉर्क पर भविष्य में फिर आतंकी हमला संभव है। हालांकि, उनका मानना है कि अमेरिका अब पहले से कहीं ज्यादा तैयार है। उन्होंने खुफिया जानकारी जुटाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को लगातार प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *