डीयू हॉस्टल की जर्जर छत का वीडियो वायरल:कहीं छत टूटी, कहीं दीवारों में दरार; एक महीने के अंदर जर्जर इमारत का चौथा मामला

डीयू हॉस्टल की जर्जर छत का वीडियो वायरल:कहीं छत टूटी, कहीं दीवारों में दरार; एक महीने के अंदर जर्जर इमारत का चौथा मामला

हाल ही में डीयू साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में एक पीजी गिरने की घटना के बाद छात्र आवास और इमारतों की सुरक्षा नेशनल लेवल का मुद्दा बना हुआ है। इसके बाद छात्रों ने सुरक्षित हॉस्टल और बेहतर आवास सुविधाओं की मांग भी तेज की है। इसी बीच दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के मानसरोवर हॉस्टल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें हॉस्टल की छत से मिट्टी/मलबा गिरता हुआ दिखाई दे रहा है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब दिल्ली में छात्रों के रहने की जगह और इमारतों की सुरक्षा को लेकर पहले से गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मानसरोवर हॉस्टल, दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में स्थित बॉयज हॉस्टल है। वीडियो में मानसरोवर छात्रावास, डीयू के कार्यकारी अध्यक्ष अंकित सोनकर हॉस्टल की जर्जर बिल्डिंग बता रहे हैं। वे कह रहे हैं कि इस बिल्डिंग को देखकर ऐसा लग रहा है जैसे फिर किसी दुर्घटना के होने का इंतजार किया जा रहा है। दिल्ली विश्वविद्यालय आंखों पर पट्‌टी बांधकर सोया हुआ है। स्कूल की जर्जर छत गिरी देश में सरकारी स्कूलों की खस्ता हालत आए दिन सामने आ रही है। हाल ही में कर्नाटक के बागलकोट में एक सरकारी स्कूल की छत का कंक्रीट गिरने से 6 बच्चे घायल हुए थे। एक बच्चे के सिर में ज्यादा चोट आई। ये हादसा तब हुआ जब स्कूल चल रहा था। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सभी छात्रों को मामूली चोटें आईं और उनका अस्पताल में उचित इलाज चल रहा है। ये घटना उस समय हुई, जब छात्र रोज की तरह अपनी क्लास में पढ़ाई कर रहे थे। तभी अचानक क्लास की छत का एक हिस्सा टूट गया और कंक्रीट का मलबा क्लास के बेंच और टेबल पर गिरने लगा। इससे क्लास में अफरा-तफरी मच गई और बच्चों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया। पेरेंट्स पहले भी कर चुके हैं शिकायत इस घटना के बाद स्कूल में छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वहीं बच्चों के पेरेंट्स का कहना है कि हम पहले भी स्कूल की जर्जर हालत को लेकर शिकायत कर चुके हैं। स्कूल की स्थायी मरम्मत की जानी चाहिए। CEO ने तुरंत मरम्मत के आदेश दिए स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के उप निदेशक (DDPI) इस घटना के बाद स्कूल पहुंचे और उन्होंने घटना के बारे में जानकारी ली। साथ ही CEO ने बताया कि पंचायत राज इंजीनियरिंग विभाग (PRED) को इमारत के टूटे हिस्से की तुरंत मरम्मत के निर्देश दिए हैं। पिछले महीने राजस्थान के स्कूल की छत गिरी थी अगस्त 2026 में राजस्थान के डूंगरपुर जिले के दोवड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सत्तु देवकी स्थित अपर प्राइमरी स्कूल में एक कक्षा की छत गिर गई थी। उस समय स्कूल में 120 बच्चे मौजूद थे। ये बच्चे अपनी-अपनी कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। छत गिरने की तेज आवाज सुनकर स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। बच्चे और टीचर तुरंत कक्षाओं से बाहर निकल गए। स्कूल की 2 कक्षाएं लंबे समय से जर्जर स्कूल की जिस कक्षा की छत गिरी, उस वक्त उसमें कोई बच्चा या टीचर मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। इस स्कूल में कुल 10 कक्षाएं हैं। इनमें से करीब 2 कक्षाएं लंबे समय से जर्जर हो चुकी हैं। इसलिए इन कमरों को बंद कर दिया गया था। यहां कोई क्लास भी नहीं ली जाती थी। इसी वजह से छत गिरने के बावजूद कोई छात्र या टीचर घायल नहीं हुए। अधिकारियों ने किया जर्जर कमरों का निरीक्षण छत गिरने के बाद स्कूल के टीचर्स ने पीईईओ पंकज वर्मा को सूचना दी। पंकज वर्मा और सीबीईओ दीपक शाह मौके पर पहुंचे और स्कूल की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने जर्जर कमरों का निरीक्षण किया और स्कूल के मैनेजमेंट से जानकारी ली। राजस्थान के स्कूल में छत गिरने से हुई थी 7 छात्रों की मौत इससे पहले 25 जुलाई 2026 को राजस्थान के झालावाड़ जिले में एक स्कूल की छत गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई थी। यह घटना मनोहर थाना ब्लॉक के पिपलोदी गांव में स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की थी। छत गिरने के बाद दीवार भी ढह गई। इस हादसे में कई बच्चे मलबे में दबे होने से घायल हुए थे। ——————————————————————————- ये खबर भी पढ़ें इंडियन आर्मी में अग्निवीर रैली के लिए टैटू पॉलिसी जारी:ट्राइबल कम्युनिटी और धार्मिक टैटू बनवा सकते हैं, ये 6 तरह के टैटू प्रतिबंधित इंडियन आर्मी ने अग्निवीर रैली के लिए टैटू पॉलिसी जारी की है। इसमें बताया गया है कि शरीर पर कहां टैटू बनवाया जा सकता है और कहां नहीं। अग्निवीर भर्ती में शारीरिक गतिविधियों के साथ उम्मीदवारों के पूरे शरीर की जांच की जाती है। साथ में शरीर पर टैटू भी देखा जाता है क्योंकि सेना में टैटू को लेकर कड़े नियम तय किए गए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें

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