गोपालगंज में हरितालिका तीज पर्व को लेकर उत्साह और रौनक चरम पर है। कठिन निर्जला व्रत की पूर्व संध्या पर जिले के प्रमुख बाजारों में सुबह से ही महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मौनिया चौक, पुरानी बाजार, घोष मोड़, सिनेमा रोड और हथुआ समेत ग्रामीण बाजारों में दिनभर चहल-पहल रही। 16 श्रृंगार के सामानों की खूब हुई खरीदारी सुहागिन महिलाओं ने तीज पूजा के लिए माता पार्वती को अर्पित करने और स्वयं के लिए 16 श्रृंगार का सामान खरीदा। चूड़ी, बिंदी, सिंदूर, अलता, बिछिया और मेहंदी की दुकानों पर महिलाओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। लाल-हरी साड़ियों की सबसे ज्यादा मांग बाजारों में लाल और हरी साड़ियों की मांग सबसे ज्यादा रही। पारंपरिक लहरिया और बनारसी साड़ियों की बिक्री में भी तेजी देखी गई। कपड़ों की दुकानों पर देर शाम तक ग्राहकों की भीड़ बनी रही। पूजा सामग्री से पटे बाजार तीज पूजा को लेकर बांस की डलिया, मिट्टी की शिव-पार्वती की मूर्तियां, ढाक के पत्ते, बेलपत्र और फल की जमकर बिक्री हुई। केला, सेब और अनार समेत पूजा में इस्तेमाल होने वाले फलों की दुकानों पर भी खरीदारों की भीड़ रही। पिड़किया और ठेकुआ की भी खूब बिक्री पारंपरिक पकवानों और मिठाइयों की दुकानों पर भी रौनक रही। पिड़किया और ठेकुआ की खरीदारी के लिए लोग बाजार पहुंचे। कई दुकानों पर महिलाओं की भीड़ देर तक बनी रही। पति की लंबी उम्र के लिए रखेंगी निर्जला व्रत हरितालिका तीज को सुहागिन महिलाओं के लिए आस्था और समर्पण का पर्व माना जाता है। महिलाएं पति की लंबी उम्र, स्वस्थ जीवन और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है। बाजारों में सुरक्षा को लेकर पुलिस तैनात बढ़ी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने प्रमुख बाजारों में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की है। उद्देश्य है कि पर्व की खरीदारी के दौरान महिलाओं और अन्य लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। गोपालगंज में हरितालिका तीज पर्व को लेकर उत्साह और रौनक चरम पर है। कठिन निर्जला व्रत की पूर्व संध्या पर जिले के प्रमुख बाजारों में सुबह से ही महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मौनिया चौक, पुरानी बाजार, घोष मोड़, सिनेमा रोड और हथुआ समेत ग्रामीण बाजारों में दिनभर चहल-पहल रही। 16 श्रृंगार के सामानों की खूब हुई खरीदारी सुहागिन महिलाओं ने तीज पूजा के लिए माता पार्वती को अर्पित करने और स्वयं के लिए 16 श्रृंगार का सामान खरीदा। चूड़ी, बिंदी, सिंदूर, अलता, बिछिया और मेहंदी की दुकानों पर महिलाओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। लाल-हरी साड़ियों की सबसे ज्यादा मांग बाजारों में लाल और हरी साड़ियों की मांग सबसे ज्यादा रही। पारंपरिक लहरिया और बनारसी साड़ियों की बिक्री में भी तेजी देखी गई। कपड़ों की दुकानों पर देर शाम तक ग्राहकों की भीड़ बनी रही। पूजा सामग्री से पटे बाजार तीज पूजा को लेकर बांस की डलिया, मिट्टी की शिव-पार्वती की मूर्तियां, ढाक के पत्ते, बेलपत्र और फल की जमकर बिक्री हुई। केला, सेब और अनार समेत पूजा में इस्तेमाल होने वाले फलों की दुकानों पर भी खरीदारों की भीड़ रही। पिड़किया और ठेकुआ की भी खूब बिक्री पारंपरिक पकवानों और मिठाइयों की दुकानों पर भी रौनक रही। पिड़किया और ठेकुआ की खरीदारी के लिए लोग बाजार पहुंचे। कई दुकानों पर महिलाओं की भीड़ देर तक बनी रही। पति की लंबी उम्र के लिए रखेंगी निर्जला व्रत हरितालिका तीज को सुहागिन महिलाओं के लिए आस्था और समर्पण का पर्व माना जाता है। महिलाएं पति की लंबी उम्र, स्वस्थ जीवन और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है। बाजारों में सुरक्षा को लेकर पुलिस तैनात बढ़ी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने प्रमुख बाजारों में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की है। उद्देश्य है कि पर्व की खरीदारी के दौरान महिलाओं और अन्य लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।

