मधेपुरा के सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार के खिलाफ युवाओं ने मोर्चा खोल दिया है। निजी क्लीनिक के लाइसेंस के नाम पर कथित रूप से रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के मामले में अब तक कार्रवाई नहीं होने से नाराज युवाओं ने सोमवार को सदर अस्पताल से सिविल सर्जन कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। इस दौरान युवाओं ने सिविल सर्जन और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध मार्च के बाद युवाओं ने डीएम अभिषेक रंजन को मांग पत्र सौंपा। इसमें सिविल सर्जन को तत्काल मधेपुरा से हटाने और मामले में विभागीय व दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई। युवाओं का कहना है कि करीब एक माह पहले सिविल सर्जन का निजी नर्सिंग होम संचालक से लाइसेंस के नाम पर कथित रूप से नकद राशि लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जांच रिपोर्ट सरकार को भेजे जाने का दावा युवाओं ने कहा कि वीडियो वायरल होने के बाद डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट सरकार को भेजे जाने की बात भी सामने आई है। इसके बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। जांच में सत्यता मिलने का दावा युवा राजद नेता संजीव कुमार ने कहा कि वीडियो वायरल होने के बाद डीएम ने जांच कमेटी गठित की थी। उन्होंने दावा किया कि जांच में मामले की सत्यता सामने आई और प्रपत्र ‘क’ में आरोप पत्र गठित कर सरकार को रिपोर्ट भेजी गई। हालांकि, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि घटना को एक माह बीत चुका है, लेकिन सिविल सर्जन अभी भी पद पर बने हुए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री और विभाग से कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा। संजीव कुमार ने आरोप लगाया कि सिविल सर्जन के कार्यकाल में स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों पर दबाव बनाया जा रहा है। बाढ़ के बीच स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने की बात संजीव कुमार ने कहा कि जिले में बाढ़ की स्थिति है और ऐसे समय में स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड में काम करना चाहिए। इसके बावजूद विभाग में इस तरह का विवाद दुर्भाग्यपूर्ण है। कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी युवाओं ने चेतावनी दी कि यदि सिविल सर्जन के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी पूरी जवाबदेही सरकार और प्रशासन की होगी। युवा निशांत यादव ने कहा कि मधेपुरा ऐसे अधिकारी को बर्दाश्त नहीं करेगा। सरकार को तत्काल सिविल सर्जन को यहां से हटाना चाहिए। मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो विरोध को और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर निखिल यादव, रितेश कुमार, सोनू कुमार समेत कई युवा मौजूद थे। मधेपुरा के सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार के खिलाफ युवाओं ने मोर्चा खोल दिया है। निजी क्लीनिक के लाइसेंस के नाम पर कथित रूप से रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के मामले में अब तक कार्रवाई नहीं होने से नाराज युवाओं ने सोमवार को सदर अस्पताल से सिविल सर्जन कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। इस दौरान युवाओं ने सिविल सर्जन और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध मार्च के बाद युवाओं ने डीएम अभिषेक रंजन को मांग पत्र सौंपा। इसमें सिविल सर्जन को तत्काल मधेपुरा से हटाने और मामले में विभागीय व दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई। युवाओं का कहना है कि करीब एक माह पहले सिविल सर्जन का निजी नर्सिंग होम संचालक से लाइसेंस के नाम पर कथित रूप से नकद राशि लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जांच रिपोर्ट सरकार को भेजे जाने का दावा युवाओं ने कहा कि वीडियो वायरल होने के बाद डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट सरकार को भेजे जाने की बात भी सामने आई है। इसके बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। जांच में सत्यता मिलने का दावा युवा राजद नेता संजीव कुमार ने कहा कि वीडियो वायरल होने के बाद डीएम ने जांच कमेटी गठित की थी। उन्होंने दावा किया कि जांच में मामले की सत्यता सामने आई और प्रपत्र ‘क’ में आरोप पत्र गठित कर सरकार को रिपोर्ट भेजी गई। हालांकि, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि घटना को एक माह बीत चुका है, लेकिन सिविल सर्जन अभी भी पद पर बने हुए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री और विभाग से कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा। संजीव कुमार ने आरोप लगाया कि सिविल सर्जन के कार्यकाल में स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों पर दबाव बनाया जा रहा है। बाढ़ के बीच स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने की बात संजीव कुमार ने कहा कि जिले में बाढ़ की स्थिति है और ऐसे समय में स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड में काम करना चाहिए। इसके बावजूद विभाग में इस तरह का विवाद दुर्भाग्यपूर्ण है। कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी युवाओं ने चेतावनी दी कि यदि सिविल सर्जन के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी पूरी जवाबदेही सरकार और प्रशासन की होगी। युवा निशांत यादव ने कहा कि मधेपुरा ऐसे अधिकारी को बर्दाश्त नहीं करेगा। सरकार को तत्काल सिविल सर्जन को यहां से हटाना चाहिए। मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो विरोध को और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर निखिल यादव, रितेश कुमार, सोनू कुमार समेत कई युवा मौजूद थे।

