कस्तूरबा विद्यालय के खेल मैदान पर बन रहा क्वार्टर:नवादा में बच्चियों ने किया विरोध, प्रधानाध्यापक ने DM को दिया आवेदन

कस्तूरबा विद्यालय के खेल मैदान पर बन रहा क्वार्टर:नवादा में बच्चियों ने किया विरोध, प्रधानाध्यापक ने DM को दिया आवेदन

नवादा के कस्तूरबा विद्यालय के खेल मैदान पर डायट भवन का क्वार्टर बनाया जा रहा है। इस निर्माण से छात्राओं में काफी नाराजगी है। बच्चियों ने इसके विरोध में नारेबाजी भी की है। सोमवार को बच्चियों ने काम बंद करवा दिया। आज छुट्टी का दिन था। बच्चे खेलना चाहते थे, लेकिन काम तेजी से चल रहा था। इससे बच्चियों में काफी नाराजगी दिखी। अभ्यास मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुरेंद्र कुमार ने बताया कि यह एक छोटा खेल मैदान है। इस पर स्टाफ के लिए क्वार्टर बनने से बच्चियों के खेलकूद पूरी तरह रुक जाएंगे। वे शारीरिक अभ्यास नहीं कर पाएंगी। बच्चियों के खेलने पर रोक लगाने की तैयारी प्रधानाध्यापक ने कहा कि एक तरफ सरकार ‘खेलो इंडिया’ के तहत बच्चों को आगे बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ इन बच्चियों के खेलने पर रोक लगाने की तैयारी है। उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि यहां लड़कियों का हॉस्टल है और स्टाफ का क्वार्टर सामने बनने से बच्चियों की निजता पर सवाल उठेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ये बच्चियां 13 से 14 साल की हैं। अगर इनकी निजता पर कोई सवाल उठता है, तो प्रशासन को इसका जवाब देना होगा। प्रधानाध्यापक ने मांग की है कि इस निर्माण को तुरंत रोका जाए। इसके लिए जिलाधिकारी को आवेदन भी दिया गया है। छात्राओं ने बताया कि वे इसी मैदान पर योग करती हैं, खेलती हैं और स्कूल की प्रार्थना भी यहीं होती है। उन्होंने कहा कि इस निर्माण से वे बहुत नाराज हैं और इसे बंद किया जाना चाहिए। बच्चियों ने यह भी बताया कि वे तीन बार आवेदन दे चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई आश्वासन नहीं मिला है। नवादा के कस्तूरबा विद्यालय के खेल मैदान पर डायट भवन का क्वार्टर बनाया जा रहा है। इस निर्माण से छात्राओं में काफी नाराजगी है। बच्चियों ने इसके विरोध में नारेबाजी भी की है। सोमवार को बच्चियों ने काम बंद करवा दिया। आज छुट्टी का दिन था। बच्चे खेलना चाहते थे, लेकिन काम तेजी से चल रहा था। इससे बच्चियों में काफी नाराजगी दिखी। अभ्यास मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुरेंद्र कुमार ने बताया कि यह एक छोटा खेल मैदान है। इस पर स्टाफ के लिए क्वार्टर बनने से बच्चियों के खेलकूद पूरी तरह रुक जाएंगे। वे शारीरिक अभ्यास नहीं कर पाएंगी। बच्चियों के खेलने पर रोक लगाने की तैयारी प्रधानाध्यापक ने कहा कि एक तरफ सरकार ‘खेलो इंडिया’ के तहत बच्चों को आगे बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ इन बच्चियों के खेलने पर रोक लगाने की तैयारी है। उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि यहां लड़कियों का हॉस्टल है और स्टाफ का क्वार्टर सामने बनने से बच्चियों की निजता पर सवाल उठेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ये बच्चियां 13 से 14 साल की हैं। अगर इनकी निजता पर कोई सवाल उठता है, तो प्रशासन को इसका जवाब देना होगा। प्रधानाध्यापक ने मांग की है कि इस निर्माण को तुरंत रोका जाए। इसके लिए जिलाधिकारी को आवेदन भी दिया गया है। छात्राओं ने बताया कि वे इसी मैदान पर योग करती हैं, खेलती हैं और स्कूल की प्रार्थना भी यहीं होती है। उन्होंने कहा कि इस निर्माण से वे बहुत नाराज हैं और इसे बंद किया जाना चाहिए। बच्चियों ने यह भी बताया कि वे तीन बार आवेदन दे चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई आश्वासन नहीं मिला है।  

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