ना थप्पड़…ना मारपीट…ना लड़ाई…युवक पर हत्या के प्रयास की FIR:आरोपी एसएसपी ऑफिस पहुंचा, बीजेपी विधायक पर लगाए आरोप

ना थप्पड़…ना मारपीट…ना लड़ाई…युवक पर हत्या के प्रयास की FIR:आरोपी एसएसपी ऑफिस पहुंचा, बीजेपी विधायक पर लगाए आरोप

सहारनपुर में सरसावा थाना क्षेत्र के भटपुरा गांव में दो पक्षों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। एक परिवार ने बीजेपी मंडल अध्यक्ष ओमकुमार सैनी समेत कुछ लोगों पर देर रात घर पहुंचकर हमला करने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दी, लेकिन उनकी शिकायत पर कार्रवाई होने के बजाय उनके ही खिलाफ जान से मारने के प्रयास और अन्य गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज कर दिया गया। पीड़ित मनोज सैनी ने 14 सितंबर को एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। थाना सरसावा के भटपुरा निवासी मनोज सैनी ने बताया कि 12 सितंबर की रात करीब 12 बजे गांव के ओमकुमार सैनी पुत्र स्व. नगीना सैनी, सोनू सैनी पुत्र स्व. नगीना सैनी और सोनी सैनी पुत्र कुलबीर सैनी समेत अन्य लोग एकराय होकर उनके घर पहुंचे। आरोप है कि उनके साथ करीब 7 से 12 लोग थे। इनमें कुछ लोगों के हाथों में लाठी-डंडे और सरिए थे। परिवार का आरोप है कि घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की गई। इस दौरान गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी गई। छोटे भाई से विवाद के बाद बढ़ा मामला मनोज के अनुसार, इससे पहले उनके छोटे भाई का ओमकुमार प्रधान से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद ओमकुमार ने फोन कर उनके छोटे भाई की शिकायत की। मनोज का कहना है कि उन्होंने मामले को शांत कराने के लिए कहा था कि सुबह घर पर सभी लोग बैठकर बातचीत कर विवाद सुलझा लेंगे। आरोप है कि इसके बावजूद उन्हें धमकी दी गई और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। पीड़ित का आरोप है कि रात में जब लोग उनके घर पहुंचे तो उनकी मां और उनकी पत्नी, जो पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर पद पर तैनात हैं, ने भी विवाद शांत कराने का प्रयास किया। आरोप है कि उनके साथ भी अभद्रता की गई और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। परिवार का कहना है कि महिलाओं के सामने भी गाली-गलौज और धमकियां दी गईं। अगले दिन परिवार पर ही केस की जानकारी मिली मनोज के मुताबिक, घटना के बाद वह अपने परिवार के साथ थाना सरसावा पहुंचे और पुलिस को शिकायत दी। उनका कहना है कि इसके बाद चार-पांच पुलिसकर्मी उनके साथ गांव पहुंचे और ओमकुमार से बातचीत की। पुलिस ने दोनों पक्षों को अगले दिन थाने आकर बातचीत करने की बात कही। मनोज का आरोप है कि अगले दिन सुबह करीब 10 बजे वह दोबारा थाने पहुंचे। वहां उन्हें शाम करीब चार बजे आने के लिए कहा गया। जब वह शाम चार बजे थाने पहुंचे तो उन्हें जानकारी मिली कि उनके, उनके पिता और छोटे भाई के खिलाफ ही जान से मारने के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। परिवार पर गोली चलाने के आरोप को बताया गलत मनोज का कहना है कि उनके परिवार के खिलाफ दर्ज मुकदमे में गोली चलाने और मारपीट करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने इन आरोपों को गलत बताया है। उनका सवाल है कि उनके परिवार ने कब और कहां गोली चलाई। उन्होंने पुलिस से गांव में जाकर लोगों से पूछताछ करने और घटनास्थल की जांच कराने की मांग की है। उनका दावा है कि मौके की जांच और ग्रामीणों के बयान से वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। मनोज ने कहा कि उनके परिवार का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। उनका आरोप है कि जिस परिवार ने पुलिस से शिकायत कर खुद के साथ हुई घटना की जांच की मांग की, उसी परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। राजनीतिक दबाव में कार्रवाई का आरोप पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक प्रभाव के कारण उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। प्रार्थना पत्र में स्थानीय विधायक मुकेश चौधरी के दबाव में मुकदमा दर्ज कराने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। SSP से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग मनोज सैनी ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में अपनी शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कराने, थाना स्तर पर उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं किए जाने की जांच कराने और विपक्षी पक्ष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। इसके साथ ही मनोज ने कहा है कि यदि उनके परिवार के खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच में आरोप झूठे पाए जाते हैं तो उसके संबंध में भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए। परिवार का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी पक्ष के खिलाफ गलत कार्रवाई कराना नहीं, बल्कि पूरे विवाद की निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता सामने लाना है।

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