बेगूसराय के मटिहानी थाना क्षेत्र स्थित छितरौर वार्ड नंबर-10 में बाढ़ के पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से निजी क्लिनिक के कंपाउंडर की मौत हो गई। मृतक की पहचान स्व. शिवनंदन राय के बेटे दिलीप राय (43) के रूप में हुई है। दिलीप शनिवार की शाम खेत की ओर निकले थे, जिसके बाद से वे घर नहीं लौटे थे। परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे। सोमवार सुबह उनका शव घर से 50 मीटर दूर सड़क किनारे पानी से बरामद किया गया। मृतक के भाई बमबम राय ने बताया कि शनिवार की देर रात करीब 11 से 12 बजे के बीच दिलीप राय घर से निकले थे। इलाके में इन दिनों बाढ़ का पानी फैला हुआ है। घर के पास सड़क के किनारे पानी से भरा एक काफी गहरा गड्ढा था। पैर फिसलकर पानी से भरे गड्ढे में गिरने की आशंका आशंका है कि रात के घने अंधेरे और पानी के कारण उनका पैर फिसल गया, जिससे वे सीधे गहरे गड्ढे में जा गिरे। पानी गहरा होने के कारण वे खुद को संभाल नहीं सके और डूब गए। जब काफी देर बीत जाने के बाद भी दिलीप घर वापस नहीं लौटे। परिजन ने ग्रामीणों के साथ मिलकर आसपास के इलाकों और बाढ़ प्रभावित इलाकों में खोजबीन की। काफी तलाश के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने उनकी तस्वीर के साथ सोशल मीडिया पर भी लापता होने की जानकारी साझा की और लोगों से तलाश में मदद की अपील की। सुबह गांव के लोगों ने पानी से भरे गड्ढे में लाश देखी आज सुबह करीब 4 बजे ग्रामीणों की नजर घर के पास सड़क किनारे बने गहरे गड्ढे पर पड़ी। वहां पानी की सतह पर दिलीप राय का शव तैरता हुआ दिखाई दिया। शव मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। दिलीप राय एक निजी क्लिनिक में बतौर कंपाउंडर काम करते थे और अपने परिवार के मुख्य सहारा थे। घटना की सूचना मटिहानी थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और करीब 7 बजे पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेजा। सदर अस्पताल में करीब तीन घंटे के भीतर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद गांव में शोक की लहर है। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को आपदा राहत कोष से मुआवजा देने की मांग की है। बेगूसराय के मटिहानी थाना क्षेत्र स्थित छितरौर वार्ड नंबर-10 में बाढ़ के पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से निजी क्लिनिक के कंपाउंडर की मौत हो गई। मृतक की पहचान स्व. शिवनंदन राय के बेटे दिलीप राय (43) के रूप में हुई है। दिलीप शनिवार की शाम खेत की ओर निकले थे, जिसके बाद से वे घर नहीं लौटे थे। परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे। सोमवार सुबह उनका शव घर से 50 मीटर दूर सड़क किनारे पानी से बरामद किया गया। मृतक के भाई बमबम राय ने बताया कि शनिवार की देर रात करीब 11 से 12 बजे के बीच दिलीप राय घर से निकले थे। इलाके में इन दिनों बाढ़ का पानी फैला हुआ है। घर के पास सड़क के किनारे पानी से भरा एक काफी गहरा गड्ढा था। पैर फिसलकर पानी से भरे गड्ढे में गिरने की आशंका आशंका है कि रात के घने अंधेरे और पानी के कारण उनका पैर फिसल गया, जिससे वे सीधे गहरे गड्ढे में जा गिरे। पानी गहरा होने के कारण वे खुद को संभाल नहीं सके और डूब गए। जब काफी देर बीत जाने के बाद भी दिलीप घर वापस नहीं लौटे। परिजन ने ग्रामीणों के साथ मिलकर आसपास के इलाकों और बाढ़ प्रभावित इलाकों में खोजबीन की। काफी तलाश के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने उनकी तस्वीर के साथ सोशल मीडिया पर भी लापता होने की जानकारी साझा की और लोगों से तलाश में मदद की अपील की। सुबह गांव के लोगों ने पानी से भरे गड्ढे में लाश देखी आज सुबह करीब 4 बजे ग्रामीणों की नजर घर के पास सड़क किनारे बने गहरे गड्ढे पर पड़ी। वहां पानी की सतह पर दिलीप राय का शव तैरता हुआ दिखाई दिया। शव मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। दिलीप राय एक निजी क्लिनिक में बतौर कंपाउंडर काम करते थे और अपने परिवार के मुख्य सहारा थे। घटना की सूचना मटिहानी थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और करीब 7 बजे पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेजा। सदर अस्पताल में करीब तीन घंटे के भीतर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद गांव में शोक की लहर है। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को आपदा राहत कोष से मुआवजा देने की मांग की है।

