Bhopal Couple : भोपाल में रिश्तों में आई दरार पर विवाह विच्छेद के लिए कोर्ट में मुकदमा लड़ रहे दो दंपती ने नेशनल लोक अदालत में फैसला बदल लिया। कुटुंब न्यायालय में मेडिएशन और न्यायाधीश की समझाइश के बाद दोनों पति-पत्नी फिर से साथ रहने राजी हो गए। खास बात यह रही कि दोनों ने कोर्ट रूम में एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और जीवनभर साथ निभाने का वादा किया। इसके बाद दोनों घर लौट गए। यह नजारा कुटुंब न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश वंदना जैन की अदालत में शनिवार को दिखा।
पारिवारिक विवाद से जुड़े 31 मामलों में पक्षकारों की आपसी सहमति से राजीनामे
जिला अदालत में शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत में न्यायाधीश वंदना जैन की अदालत में पारिवारिक विवाद से जुड़े 31 मामलों में पक्षकारों की आपसी सहमति से राजीनामे हुए। अदालत में 91,257 मामले आए। इसमें 57 खंडपीठों में सुनवाई की। इस दौरान चेक बाउंस, वैवाहिक विवाद से लेकर बैंक रिकवरी और संपत्ति कर तक के मामले शामिल थे। जलकर और संपत्ति कर से जुड़े मामलों का भी निराकरण किया गया।
अदालत में 91 हजार से ज्यादा मामले:
तीसरी नेशनल लोक अदालत को जिला न्यायालय परिसर में आयोजित हुई। भोपाल के जिला न्यायालय, कुटुंब न्यायालय, बैरसिया सिविल न्यायालय और औद्योगिक न्यायालय के लिए 57 खंडपीठ बनाई गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनीत अग्रवाल ने बताया, लोक अदालत में 10,757 लंबित और 80,500 प्री- लिटिगेशन समेत कुल 91,257 प्रकरण रखे गए।
2025 में लगाया था विवाह विच्छेद का केस
प्रयागराज निवासी युवक का विवाह 18 अप्रेल 2024 को अयोध्या नगर निवासी एक डॉक्टर से हुआ था। शादी के बाद छोटी-छोटी बातों को लेकर दोनों के बीच विवाद होने लगा। रिश्ते में तनाव बढऩे पर परिवार की सहमति से दोनों ने 2025 में आपसी सहमति से तलाक का मुकदमा दायर किया था। कोर्ट में हुई काउंसलिंग और जज की समझाइश के बाद दोनों ने फिर साथ रहने का फैसला किया।
पांच साल की बेटी के लिए बचाया रिश्ता
भोपाल निवासी दंपती की पांच साल की बेटी है। रिश्ते में कड़वाहट आने पर अलग हुए और तलाक के लिए कोर्ट का रुख किया था। कई दौर के मेडिएशन व कोर्ट की समझाइश से सहमति बनी और उन्होंने फिर साथ रहने का निर्णय लिया। कोर्ट में वरमाला पहनाकर दोनों ने रिश्ते को एक और मौका दिया।

