भारत-पाक बॉर्डर से आई बड़ी खबर, पाकिस्तानी ड्रोन से गिराई गई 50 करोड़ की हेरोइन बरामद

भारत-पाक बॉर्डर से आई बड़ी खबर, पाकिस्तानी ड्रोन से गिराई गई 50 करोड़ की हेरोइन बरामद

श्रीगंगानगर: भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे श्रीगंगानगर जिले के रावलामंडी क्षेत्र में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता मिली है। रावलामंडी क्षेत्र के सीमावर्ती गांव 23 केडी (23 KD) में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए गिराई गई करीब 10 किलोग्राम हेरोइन को पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए जब्त कर लिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त की गई इस हेरोइन की अनुमानित कीमत करीब 50 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। इस घटना के बाद सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात गांव 23 केडी के स्थानीय ग्रामीणों ने आसमान में संदिग्ध गतिविधि देखी। ग्रामीणों को पाकिस्तान की तरफ से एक ड्रोन के आने और इलाके में एक संदिग्ध पैकेट गिराए जाने का आभास हुआ। सजग ग्रामीणों ने बिना किसी देरी के तुरंत इस बात की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान पुलिस को खेतों में एक संदिग्ध पैकेट बरामद हुआ, जिसे सुरक्षा मानकों के तहत कब्जे में ले लिया गया।

क्या बोले एसपी हरिशंकर

पुलिस अधीक्षक (एसपी) हरिशंकर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि बरामद पैकेट की जब जांच की गई तो उसमें नशीला पदार्थ हेरोइन होना पाया गया। प्रारंभिक जांच और तोल में इसका कुल वजन करीब 10 किलोग्राम निकला। अंतरराष्ट्रीय ब्लैक मार्केट में इस 10 किलो हेरोइन की कीमत करीब 50 करोड़ रुपए है। पुलिस ने नशीली खेप को विधिवत जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

बीएसएफ और अन्य एजेंसियां जांच में जुटीं

मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए पुलिस के साथ-साथ सीमा सुरक्षा बल (BSF) तथा अन्य खुफिया एवं सुरक्षा एजेंसियों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया है। सभी सुरक्षा एजेंसियां अब इस जांच में जुट गई हैं कि पाकिस्तान से भेजी गई यह 50 करोड़ रुपये की खेप भारतीय सीमा में किस स्थानीय तस्कर या नेटवर्क के लिए गिराई गई थी। इस नापाक तस्करी के पीछे कौन-सा गिरोह और तस्कर सक्रिय हैं, इसका पता लगाया जा रहा है।

ग्रामीणों का रहा सराहनीय योगदान

एसपी हरिशंकर ने बताया कि इस संपूर्ण कार्रवाई में स्थानीय ग्रामीणों की जागरूकता और मुस्तैदी का बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहा। ग्रामीणों द्वारा समय पर सटीक सूचना दिए जाने के कारण ही सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ की खेप को जब्त करने में सफल हो सकीं।

सीमा पार से ड्रोन से तस्करी की बढ़ती चुनौती

उल्लेखनीय है कि हाल के वर्षों में भारत-पाक सीमा पर पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के माध्यम से हथियार, कारतूस और मादक पदार्थों (हेरोइन) की तस्करी करने के कई प्रयास सामने आ चुके हैं। सुरक्षा एजेंसियों के लिए सीमा पार से उड़ने वाले ये ड्रोन एक गंभीर चुनौती बने हुए हैं, लेकिन भारतीय सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस ग्रामीणों के सहयोग से ऐसी नापाक साजिशों को लगातार नाकाम कर रहे हैं।

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