श्री गुरु सिंह सभा नाका हिंडोला में शनिवार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पहला प्रकाश पर्व अत्यंत श्रद्धा, सत्कार और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर गुरुद्वारा परिसर में विशेष दीवान सजाया गया, जहां बड़ी संख्या में संगत ने पहुंचकर गुरु महाराज के समक्ष शीश नवाया और गुरु के उपदेशों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। श्री दरबार साहिब अमृतसर से आए भाई सिमरनजीत सिंह ने शबद-कीर्तन एवं गुरबाणी के माध्यम से संगत को गुरु के शब्दों से निहाल किया। उनकी प्रस्तुति के दौरान पूरा गुरुद्वारा परिसर गुरु के जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम के दौरान सिख सेवक जत्था की ओर से विशेष शब्द चौकी का आयोजन किया गया, जिसमें मनमीत सिंह, हरमिंदर सिंह, दलजीत सिंह, देवेंद्र पाल सिंह, कुलवंत सिंह और कुलदीप सिंह ने प्रमुख रूप से सहभागिता की। प्रकाश पर्व को लेकर इन कार्यक्रमों की शुरुआत 10 सितंबर से ही हो गई थी। अध्यक्ष ने दी बधाई, दो लोगों का हुआ सम्मान गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष डॉ. अमरजोत सिंह और महामंत्री मनमीत सिंह ने संगत को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पहले प्रकाश पर्व की बधाई दी। उन्होंने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षाएं मानवता, सेवा, समानता और सदाचार का सच्चा मार्ग दिखाती हैं। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट योगदान के लिए सरदार परविंदर सिंह और सरदार हरपाल सिंह जग्गी को विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया। 18 सितंबर को एक और विशाल आयोजन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पहले प्रकाश पर्व को समर्पित एक और विशेष आयोजन 18 सितंबर को रखा गया है। इस दिन शाम को विशेष दीवान सजाया जाएगा, जिसमें ज्ञानी शेर सिंह जी के साथ दो रागी जत्थे विशेष रूप से शामिल होंगे। इस आयोजन में भी गुरबाणी, शबद-कीर्तन और गुरु के संदेश के माध्यम से संगत को निहाल किया जाएगा।

