कल से घर-घर गूंजेगा गणपति बप्पा मोरिया, खास संयोग में विराजेंगे प्रथम पूज्य गणपति

कल से घर-घर गूंजेगा गणपति बप्पा मोरिया, खास संयोग में विराजेंगे प्रथम पूज्य गणपति

गणेश चतुर्थी को लेकर शहर से लेकर गांवों तक तैयारियां शुरू हो गई हैं। 14 सितंबर सोमवार को घर-घर और मंदिरों में प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश की प्रतिमाएं विराजित की जाएंगी। इस बार गणेश चतुर्थी सोमवार को होने से पर्व का धार्मिक उत्साह और बढ़ गया है। शहर के प्रमुख गणेश मंदिरों में विशेष सजावट, श्रृंगार, भजन-कीर्तन और महाआरती के आयोजन होंगे। पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि 14 सितंबर को रहेगी। इस दिन स्वाति नक्षत्र का संयोग भी रहेगा। गणेश स्थापना के लिए मध्याह्न काल को विशेष शुभ माना गया है। श्रद्धालु इस दौरान विधि-विधान से गणेशजी की स्थापना कर पूजा-अर्चना करेंगे और सुख-शांति, समृद्धि व परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे। शहर के प्राचीन श्री मुरला गणेश, लाभ गणपति, रोकड़िया मंदिर सहित पांडालों में गणपति चौथ पर विशेष आयोजन होंगे। श्री सिद्धिदाता मुरला गणेश मंदिर में सेवा मंडल की ओर से भगवान गणेश का भव्य श्रृंगार किया जाएगा। मंदिर परिसर में आकर्षक साज-सज्जा के साथ दिनभर भजन-कीर्तन होंगे और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। सुबह 11.30 बजे और शाम 7 बजे महाआरती होगी। क्यों खास है गणेश चतुर्थी गणेशजी को विघ्नहर्ता, बुद्धि, विवेक और शुभता का देवता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य को प्रारंभ करने से पहले गणेश पूजन की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने अपने उबटन से गणेशजी की रचना कर द्वारपाल बनाया थी। भगवान शिव के साथ हुए प्रसंग में महादेव को गणपति द्वारा अंदर जाने से रोकने पर क्रोधित होकर महादेव ने उनका सिर धड़ से अलग कर दिया। माता पार्वती के आग्रह पर शिव ने हाथी का सिर लगाकर गणपति को पुनर्जीवित कर शुभ कार्यों में सर्वप्रथम पूजे आने का आशीर्वाद दिया। तभी से गणेशजी प्रथम पूज्य माने जाते हैं। गणेशोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी किया जाता है। इस दौरान गणपति प्रतिमा का विधिवत पूजन कर विसर्जन के साथ विदा किया जाता है। मेष: अटके काम गति पकड़ सकते हैं, नौकरी-कारोबार में नए अवसर मिल सकते हैं। महत्वपूर्ण योजना को आगे बढ़ाने में सफलता ​मिल सकती है। वृषभ: आय के नए स्रोत बनने और आर्थिक मामलों में राहत के संकेत हैं। धन संबंधि बाधाएं दूर हो सकती है। सिंह: कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान और अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। नई योजनाओं और कोशिशों से सफलता मिल सकती है। तुला: नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के योग हैं। कार्य क्षेत्र में मेहनत और प्रतिभा की सराहना हो सकती है। मकर: लंबे समय से चल रही परेशानियों से राहत मिलने और कामकाज में नए अवसर मिलने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने की संभावना है। ज्योतिषाचार्य पूनम शर्मा के अनुसार गणेश चतुर्थी पर दूर्वा और मोदक अर्पित कर भगवान गणेश का पूजन करने से शुभ फल की कामना की जा सकती है। मेष, वृषभ, सिंह, तुला और मकर राशि के जातकों के लिए नए अवसर और उपलब्धियों के संकेत बताए गए हैं। सभी राशि के जातक ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप कर गणेशजी से विघ्न दूर होने और शुभता की कामना कर सकते हैं।

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