मुजफ्फरपुर में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने और अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने के लिए पुलिस ने एक विशेष अभियान शुरू किया है। मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के सख्त निर्देश पर जिला पुलिस अब चिन्हित गंभीर अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी में पूरी ताकत से जुट गई है। पिछले 9 महीनों में जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से हत्या, लूट, डकैती, अपहरण, छिनतई और दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों में शामिल करीब 317 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। अब इन सभी चिन्हित अपराधियों के मामलों की अदालत में सुनवाई तेज करने के लिए स्पीडी ट्रायल चलाया जाएगा। इस संबंध में एसएसपी ने सभी संबंधित पुलिस अधिकारियों और विशेष पुलिस टीम को जरूरी निर्देश दिए हैं। सबूतों, वैज्ञानिक प्रमाणों, गवाहों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा कर रही स्पेशल टीम इस खास रणनीति के तहत, पुलिस की एक विशेष टीम सभी संबंधित मामलों में इकट्ठे किए गए सबूतों, वैज्ञानिक प्रमाणों और गवाहों की मौजूदा स्थिति की गहन समीक्षा कर रही है। पुलिस टीम सभी शातिर और सक्रिय अपराधियों का पूरा आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। अदालत में पुलिस प्रभावी पैरवी करेगी, ताकि गवाहों के बयान समय पर और सही तरीके से दर्ज कराए जा सकें। पुलिस का मुख्य मकसद इन मामलों में जल्द से जल्द सुनवाई पूरी कराकर अपराधियों को दोषी साबित करना और उन्हें जेल भेजना है। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि चिन्हित किए गए अपराधियों के खिलाफ पुलिस बेहद कठोर रुख अपनाएगी। अदालत में मजबूत सबूतों के साथ गवाहों के बयान इस तरह दर्ज कराए जाएंगे ताकि नए कानून के प्रावधानों के तहत अपराधियों को सख्त सजा मिल सके। शातिर अपराधियों की गतिविधियों पर स्पेशल टीम की नजर इसके साथ ही, वैसे शातिर अपराधी जिनका डोजियर पहले से तैयार है और जिनका नाम पुलिस की ‘गुंडा पंजी’ (गुंडा रजिस्टर) में दर्ज है, उनकी वर्तमान गतिविधियों पर पुलिस की विशेष टीम लगातार पैनी नजर रख रही है। एसएसपी ने साफ किया कि जो अपराधी लगातार अपराध में सक्रिय हैं या जिन्हें किन्हीं कारणों से कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, उनकी जमानत खारिज कराने के लिए भी पुलिस माननीय न्यायालय में शीघ्र ही आवेदन देगी। न्यायालय को इन अपराधियों के गंभीर कारनामों से अवगत कराया जाएगा ताकि समाज में शांति व्यवस्था कायम रह सके। मुजफ्फरपुर में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने और अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने के लिए पुलिस ने एक विशेष अभियान शुरू किया है। मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के सख्त निर्देश पर जिला पुलिस अब चिन्हित गंभीर अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी में पूरी ताकत से जुट गई है। पिछले 9 महीनों में जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से हत्या, लूट, डकैती, अपहरण, छिनतई और दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों में शामिल करीब 317 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। अब इन सभी चिन्हित अपराधियों के मामलों की अदालत में सुनवाई तेज करने के लिए स्पीडी ट्रायल चलाया जाएगा। इस संबंध में एसएसपी ने सभी संबंधित पुलिस अधिकारियों और विशेष पुलिस टीम को जरूरी निर्देश दिए हैं। सबूतों, वैज्ञानिक प्रमाणों, गवाहों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा कर रही स्पेशल टीम इस खास रणनीति के तहत, पुलिस की एक विशेष टीम सभी संबंधित मामलों में इकट्ठे किए गए सबूतों, वैज्ञानिक प्रमाणों और गवाहों की मौजूदा स्थिति की गहन समीक्षा कर रही है। पुलिस टीम सभी शातिर और सक्रिय अपराधियों का पूरा आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। अदालत में पुलिस प्रभावी पैरवी करेगी, ताकि गवाहों के बयान समय पर और सही तरीके से दर्ज कराए जा सकें। पुलिस का मुख्य मकसद इन मामलों में जल्द से जल्द सुनवाई पूरी कराकर अपराधियों को दोषी साबित करना और उन्हें जेल भेजना है। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि चिन्हित किए गए अपराधियों के खिलाफ पुलिस बेहद कठोर रुख अपनाएगी। अदालत में मजबूत सबूतों के साथ गवाहों के बयान इस तरह दर्ज कराए जाएंगे ताकि नए कानून के प्रावधानों के तहत अपराधियों को सख्त सजा मिल सके। शातिर अपराधियों की गतिविधियों पर स्पेशल टीम की नजर इसके साथ ही, वैसे शातिर अपराधी जिनका डोजियर पहले से तैयार है और जिनका नाम पुलिस की ‘गुंडा पंजी’ (गुंडा रजिस्टर) में दर्ज है, उनकी वर्तमान गतिविधियों पर पुलिस की विशेष टीम लगातार पैनी नजर रख रही है। एसएसपी ने साफ किया कि जो अपराधी लगातार अपराध में सक्रिय हैं या जिन्हें किन्हीं कारणों से कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, उनकी जमानत खारिज कराने के लिए भी पुलिस माननीय न्यायालय में शीघ्र ही आवेदन देगी। न्यायालय को इन अपराधियों के गंभीर कारनामों से अवगत कराया जाएगा ताकि समाज में शांति व्यवस्था कायम रह सके।

