मुजफ्फरपुर के सरैया थाना क्षेत्र के अम्बारा चौक निवासी शिवनाथ साह के 45 वर्षीय बेटे चंद्रकिशोर साह ने शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को गंडक नदी में छलांग लगा दी। वह श्रृंगार का व्यवसाय करते थे। ग्रामीणों ने बताया कि चंद्रकिशोर साह मुजफ्फरपुर और छपरा को जोड़ने वाले गंडक नदी पुल (रेवा और मकेर के बीच एनएच 722 पर) पर पहुंचे। उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल खड़ी की और पुल का मुआयना किया। इसके बाद, जहां नदी की तेज धार थी, वहीं से उन्होंने छलांग लगा दी। घटना की जानकारी मिलने पर सरैया थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार और सारण की मकेर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पुल पर खड़ी मोटरसाइकिल के नंबर से जांच शुरू की और परिवार वालों को सूचना दी। खबर मिलते ही परिजनों और अन्य लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। परिजनों ने आत्महत्या के कारणों के बारे में कुछ नहीं बताया। हालांकि, अन्य ग्रामीणों का कहना है कि चंद्रकिशोर ने पारिवारिक कलह से परेशान होकर यह कदम उठाया है। बता दें कि पिछले एक महीने में इस तरह की यह चौथी घटना है। इससे समाज में गलत संदेश फैल रहा है। मुजफ्फरपुर के सरैया थाना क्षेत्र के अम्बारा चौक निवासी शिवनाथ साह के 45 वर्षीय बेटे चंद्रकिशोर साह ने शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को गंडक नदी में छलांग लगा दी। वह श्रृंगार का व्यवसाय करते थे। ग्रामीणों ने बताया कि चंद्रकिशोर साह मुजफ्फरपुर और छपरा को जोड़ने वाले गंडक नदी पुल (रेवा और मकेर के बीच एनएच 722 पर) पर पहुंचे। उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल खड़ी की और पुल का मुआयना किया। इसके बाद, जहां नदी की तेज धार थी, वहीं से उन्होंने छलांग लगा दी। घटना की जानकारी मिलने पर सरैया थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार और सारण की मकेर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पुल पर खड़ी मोटरसाइकिल के नंबर से जांच शुरू की और परिवार वालों को सूचना दी। खबर मिलते ही परिजनों और अन्य लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। परिजनों ने आत्महत्या के कारणों के बारे में कुछ नहीं बताया। हालांकि, अन्य ग्रामीणों का कहना है कि चंद्रकिशोर ने पारिवारिक कलह से परेशान होकर यह कदम उठाया है। बता दें कि पिछले एक महीने में इस तरह की यह चौथी घटना है। इससे समाज में गलत संदेश फैल रहा है।

