रतलाम। शहर में गणेशोत्सव की धूम शुरू हो चुकी हैं, इस साल मिट्टी के गणपति बप्पा की मांग है तो अलग-अलग क्षेत्रों में अद्भूत आकर्षक मिट्टी के मंगलमूर्ति की स्थापना होगी। उज्जैन गढक़ालिका से इस साल 8फीट ऊंची 6 क्विंटल वजनी मिट्टी की प्रतिमा लाई जा रही हैं। पांडाल में संतों का समागम, भारत माता की आरती, श्रीराम दरबार और हनुमान चालीसा पाठ प्रमुख आकर्षण रहेंगे।
इंद्रलोक नगर में इस बार गणेशोत्सव पर्यावरण संरक्षण और भारतीय संस्कृति के संदेश के साथ मनाया जाएगा। दाऊजी धाम सेवा समिति की ओर से यहां करीब 8 फीट ऊंची और 6 क्विंटल वजनी पूर्णत: मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमा स्थापित की जाएगी। प्रतिमा उज्जैन स्थित गढक़ालिका मंदिर से रतलाम लाई गई। प्रतिमा निर्माण में मिट्टी के साथ बांस का सपोर्ट और कुश का उपयोग किया गया है।
पांडाल में होंगा संतों का समागम
समिति संयोजक संदीप मौर्य ने बताया कि आयोजन का यह दसवां वर्ष है। उत्सव के दौरान प्रतिदिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। भागवताचार्य पं. चेतन शर्मा की संगीतमय आरती, जिले के संतों का समागम, भारत माता की आरती, श्रीराम दरबार और हनुमान चालीसा पाठ प्रमुख आकर्षण रहेंगे।
छठे दिन बाल मेला, भगवान गणेश को 56 भोग
छठे दिन बच्चों के लिए बाल मेले का आयोजन होगा। भगवान गणेश को 56 भोग, गणेश अथर्वशीर्ष पाठ, श्याम बाबा का दरबार और आरती संग्रह पुस्तिका का वितरण भी किया जाएगा। अंतिम दो दिनों में रंगारंग गरबा आयोजन होगा।
ये रहे बैठक में मौजूद
आयोजन की तैयारियों को लेकर समिति की बैठक हुई, जिसमें विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। बैठक में पूरनमल शर्मा, घनश्याम यादव, भरत मौर्य, पीयूष व्यास, शुभम शर्मा, रितेश शर्मा, मयंक भाटी, पुष्कर कनौजिया सहित समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मिट्टी की करेंगे प्रतिमा स्थापना, 12 दिन मनेगा गणेशोत्सव
राजपूत नवयुवक मंडल न्यास एवं महिला मंडल की ओर से 14 सितंबर से 12 दिवसीय गणेश उत्सव राजपूत धर्मशाला भवन हाथीखाना स्थित भगवान जागनाथ महादेव मंदिर मनाया जाएगा। गणेश चतुर्थी की सुबह 10.30 बजे भगवान गणेश की मिट्टी की प्रतिमा स्थापित कर पूजन एवं आरती कर प्रसादी वितरण होगा। प्रतिदिन शाम 7 बजे आरती कर प्रसादी वितरण होगा। 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर सुबह 10.30 बजे विधि विधान से प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। न्यास अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह गोयल, मंडल अध्यक्ष विजय सिंह चौहान, किशोर सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह सोलंकी, शैलेंद्र सिंह देवड़ा आदि ने धर्मलाभ लेने का आग्रह किया हैं।

