Ahmedabad : खाद्य तेल की रीपैकिंग और बिक्री में खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी का मामला सामने आने के बाद अहमदाबाद महानगरपालिका (मनपा) के खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। लाभां स्थित एक इकाी की जांच के दौरान विभाग को रीपैकिंग प्रक्रिया, पैकेजिंग और स्टॉक के रिकॉर्ड में कई गंभीर खामियां मिलीं। कार्रवाई के दौरान मौके पर मिले 175 भरे हुए तेल के टिन को जब्त कर उनकी बिक्री पर रोक लगा दी गई। इनकी अनुमानित कीमत 3.93 लाख रुपए से अधिक बताई गई है। इसके साथ ही रीपैकिंग इकाई को सील कर दिया गया।
मनपा के खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, इकाई में सोयाबीन, कपास बीज और पाम तेल आदि की रीपैकिंग की जाती है। इकाई के पास केंद्रीय खाद्य लाइसेंस भी है। जांच के दौरान परिसर में करीब 300 पुराने और इस्तेमाल किए हुए खाली तेल के टिन मिले। विभाग को आशंका है कि इन खाली टिन का दोबारा खाद्य तेल भरकर पैकिंग करने में इस्तेमाल किया जा सकता था। इसके अलावा तेल के लेबल और पैकेजिंग सामग्री की जांच में भी प्रथम दृष्टया कई अनियमितताएं सामने आईं।
उत्पादन से बाजार तक का हिसाब नहीं मिला
जांच के दौरान विभाग ने बाजार में भेजे गए तेल के बैच से संबंधित उत्पादन, रीपैकिंग, स्टॉक और डिस्पैच का पूरा रिकॉर्ड मांगा। हालांकि, इकाई संचालक की ओर से माल की आवाजाही और स्टॉक का पूरा हिसाब प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इससे तेल के स्रोत से लेकर अंतिम उपभोक्ता तक उसकी ट्रेसिंग में परेशानी होने की आशंका जताई गई है। किसी बैच में गुणवत्ता संबंधी समस्या सामने आने पर उसे बाजार से वापस मंगाने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने 175 भरे टिन के अलावा खाली टिन, लेबल और पैकेजिंग सामग्री के संबंध में भी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग की ओर से जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेज और साक्ष्य केंद्रीय लाइसेंसिंग अथॉरिटी को भेजे जाएंगे। मनपा की ओर से संबंधित लाइसेंस को निलंबित अथवा रद्द करने की सिफारिश किए जाने की संभावना है। फिलहाल जब्त खाद्य तेल की बिक्री पर रोक लगा दी गई है और इकाई को सील कर दिया गया है।

