हापुड़ में कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और सांसद इमरान मसूद को शुक्रवार शाम पुलिस ने बदनौली गांव जाने से रोक दिया। दोनों नेता एक सप्ताह पहले गोलीकांड में मारे गए दीपक कुमार के परिवार से मिलने जा रहे थे। बुलंदशहर रोड पर सोना पेट्रोल पंप के पास पुलिस ने कांग्रेस नेताओं के काफिले को रोक लिया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच करीब 30 मिनट तक बहस हुई। बाद में पुलिस ने नेताओं की पीड़ित परिवार से वीडियो कॉल के जरिए बात कराई। सोना पेट्रोल पंप के पास रोका काफिला शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे राजेंद्र पाल गौतम और सांसद इमरान मसूद काफिले के साथ बदनौली के लिए निकले थे। बुलंदशहर रोड पर सोना पेट्रोल पंप के पास जिला और शहर कांग्रेस के पदाधिकारी भी अपनी गाड़ियों के साथ पहुंच गए। पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को आगे जाने से रोक दिया। कुराना टोल के पास भी पुलिस-प्रशासन की टीम पहले से तैनात थी। यहां कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच काफी देर तक बहस हुई। परिवार से मिलने की अनुमति मांगी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि कांग्रेस नेता शांतिपूर्वक पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे, लेकिन उन्हें रोका जा रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा, सुरक्षा, न्याय और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता कानूनी तरीके से पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। कुछ पदाधिकारियों को घरों में रोकने का आरोप शहर अध्यक्ष इरफान अहमद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ पदाधिकारियों को उनके घरों में ही रोक दिया गया। इस दौरान यूपी कांग्रेस सह प्रभारी संजीव आर्या, पूर्व विधायक गजराज सिंह, सचिन चौधरी समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। पुलिस द्वारा नेताओं को गांव में जाने की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद उनकी पीड़ित परिवार से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत कराई गई।

