जमुई के खैरा प्रखंड में बने नए पंचायत सरकार भवन में दरारें और प्लास्टर टूटने की शिकायत मिली थी। इसके बाद शुक्रवार को बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने भवन का निरीक्षण किया। दोपहर में मंत्री ने हॉल, कमरे, लाइब्रेरी और छत समेत कई हिस्सों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को भवन की क्वालिटी और सुरक्षा को लेकर निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद मंत्री दीपक प्रकाश ने मीडिया से बात की। उन्होंने बताया कि भवन में कई जगह मरम्मत के निशान साफ दिख रहे हैं। मंत्री ने कहा कि निर्माण कार्य में क्वालिटी का पूरा ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि दरार चाहे छोटी हो या बड़ी, वह खतरनाक हो सकती है। इसे तुरंत ठीक कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। कई जगहों पर प्लास्टर टूटे मिले मंत्री ने यह भी बताया कि पंचायत सरकार भवन भूकंपरोधी तकनीक से बना है। कुछ जगहों पर जाली नहीं लगाने के कारण समस्या आने की बात कही गई है। उन्होंने घोषणा की कि अब पूरे बिहार में उन सभी पंचायत सरकार भवनों की जांच की जाएगी, जिनका निर्माण पूरा हो चुका है और जिन्हें अभी हैंडओवर किया जाना है। जांच से संतुष्ट होने के बाद ही इन भवनों को हैंडओवर किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने छत की ढलाई के बाद प्लास्टर के काम में भी कमी पाई। कई जगहों पर प्लास्टर टूटे हुए मिले। उन्होंने इसे ठीक कराने का निर्देश दिया। लाइब्रेरी रूम में लगे बिजली के बोर्ड को भी दुरुस्त करने को कहा गया। 2.30 करोड़ से बना है पंचायत सरकार भवन मंत्री ने चेतावनी दी कि खुले और खराब हालत में लगा बिजली बोर्ड किसी के लिए भी खतरनाक हो सकता है। इसके बाद मंत्री ने भवन परिसर में पौधे लगाए। उन्होंने खैरा पंचायत के वार्ड नंबर 11 का भी निरीक्षण किया। इस मौके पर पंचायती राज पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार के साथ कई नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे। यह पंचायत सरकार भवन करीब 2 करोड़ 30 लाख रुपए की लागत से बना है। इसके हैंडओवर के समय ही दीवारों में कई जगह दरारें, टूटे प्लास्टर और खराब हिस्से सामने आए थे। इसे लेकर स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि ने भी सवाल उठाए थे। मंत्री के निरीक्षण से पहले भवन में रंग-रोगन कर उसे चमका दिया गया था। इसके बाद शुक्रवार को मंत्री ने मौके पर पहुंचकर निर्माण की गुणवत्ता और कमियों की जांच की। जमुई के खैरा प्रखंड में बने नए पंचायत सरकार भवन में दरारें और प्लास्टर टूटने की शिकायत मिली थी। इसके बाद शुक्रवार को बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने भवन का निरीक्षण किया। दोपहर में मंत्री ने हॉल, कमरे, लाइब्रेरी और छत समेत कई हिस्सों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को भवन की क्वालिटी और सुरक्षा को लेकर निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद मंत्री दीपक प्रकाश ने मीडिया से बात की। उन्होंने बताया कि भवन में कई जगह मरम्मत के निशान साफ दिख रहे हैं। मंत्री ने कहा कि निर्माण कार्य में क्वालिटी का पूरा ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि दरार चाहे छोटी हो या बड़ी, वह खतरनाक हो सकती है। इसे तुरंत ठीक कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। कई जगहों पर प्लास्टर टूटे मिले मंत्री ने यह भी बताया कि पंचायत सरकार भवन भूकंपरोधी तकनीक से बना है। कुछ जगहों पर जाली नहीं लगाने के कारण समस्या आने की बात कही गई है। उन्होंने घोषणा की कि अब पूरे बिहार में उन सभी पंचायत सरकार भवनों की जांच की जाएगी, जिनका निर्माण पूरा हो चुका है और जिन्हें अभी हैंडओवर किया जाना है। जांच से संतुष्ट होने के बाद ही इन भवनों को हैंडओवर किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने छत की ढलाई के बाद प्लास्टर के काम में भी कमी पाई। कई जगहों पर प्लास्टर टूटे हुए मिले। उन्होंने इसे ठीक कराने का निर्देश दिया। लाइब्रेरी रूम में लगे बिजली के बोर्ड को भी दुरुस्त करने को कहा गया। 2.30 करोड़ से बना है पंचायत सरकार भवन मंत्री ने चेतावनी दी कि खुले और खराब हालत में लगा बिजली बोर्ड किसी के लिए भी खतरनाक हो सकता है। इसके बाद मंत्री ने भवन परिसर में पौधे लगाए। उन्होंने खैरा पंचायत के वार्ड नंबर 11 का भी निरीक्षण किया। इस मौके पर पंचायती राज पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार के साथ कई नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे। यह पंचायत सरकार भवन करीब 2 करोड़ 30 लाख रुपए की लागत से बना है। इसके हैंडओवर के समय ही दीवारों में कई जगह दरारें, टूटे प्लास्टर और खराब हिस्से सामने आए थे। इसे लेकर स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि ने भी सवाल उठाए थे। मंत्री के निरीक्षण से पहले भवन में रंग-रोगन कर उसे चमका दिया गया था। इसके बाद शुक्रवार को मंत्री ने मौके पर पहुंचकर निर्माण की गुणवत्ता और कमियों की जांच की।

