हरदोई जनपद के अतरौली थाना क्षेत्र के भीखपुर ऐमा गांव में शुक्रवार तड़के एक घटना सामने आई। यहां निर्माणाधीन मकान के बाहर तिरपाल के नीचे सो रही 70 वर्षीय वृद्धा छेदाना की जंगली जानवर के हमले में मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। डीएफओ शिंदे जयंत भीमराव के मुताबिक, पागल सियार या भेड़िया ने हमला किया है। चारपाई से कुछ दूरी पर जंगली जानवर के पैर के निशान मिले हैं। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। वहीं, वन विभाग की टीम ने ड्रोन कैमरों की मदद से इलाके में कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू कर दिया है। डीएफओ शिंदे जयंत भीमराव के अनुसार, प्राथमिक जांच में रेबीज से पीड़ित पागल सियार द्वारा हमला किए जाने की आशंका है। मृतका छेदाना के पति छेदाई का पहले ही निधन हो चुका था। उनके बेटे श्रीराम ने बताया कि उन्होंने गांव के अंदर का पुराना मकान बेचकर गांव से करीब 100 मीटर दूर पूरब दिशा में जमीन खरीदी थी। यहां वे नया मकान बनवा रहे हैं, जिसका काम अभी चल रहा है। गुरुवार रात श्रीराम अपनी पत्नी फूलमती और बच्चों के साथ अंदर कमरे में सो रहे थे। उनकी मां छेदाना बाहर तिरपाल के नीचे चारपाई पर सो रही थीं। शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे अचानक कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनकर श्रीराम की नींद खुली। जब वह बाहर आए तो मां का शव चारपाई पर खून से लथपथ पड़ा मिला। उनकी गर्दन पर गहरे घाव और चेहरे पर नोंचने के निशान थे। शोर मचते ही ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और अतरौली पुलिस व वन विभाग को सूचना दी गई। घटना की सूचना पर क्षेत्रीय वन अधिकारी विनय जादौन, वन रेंजर विनय कुमार और वन दरोगा वीरेंद्र पटेल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। डीएफओ ने बताया कि घाव के निशानों से पता चलता है कि हमला ‘डॉग फैमिली’ के किसी जानवर ने किया है। आशंका है कि हमलावर सियार रेबीज से पीड़ित था, यानी वह पागल था। सामान्य सियार मांस खाता है, लेकिन इसने सिर्फ हमला किया। फिलहाल इलाके में ड्रोन और टीमों के जरिए कॉम्बिंग जारी है।

