Retina Disease Hindi: दिनभर काम करते हुए या मोबाइल-टीवी देखते हुए कई बार हमारी आंखों के सामने अचानक छोटे-छोटे काले धब्बे, धागे जैसी आकृतियां तैरती हुई दिखाई देती हैं। कभी-कभी आंखें बंद करने या खोलने पर रोशनी की तेज चमक (लाइट की लकीर) जैसी महसूस होती है। अक्सर लोग इसे केवल थकान, कमजोरी या चश्मे का नंबर बदलने की बात मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, ये मामूली दिखने वाले लक्षण आंखों के पिछले हिस्से यानी रेटिना (Retina) की गंभीर बीमारी का इशारा हो सकते हैं। रेटिना हमारी आंख का वह सबसे जरूरी पर्दा है, जो हमें इस खूबसूरत दुनिया को देखने में मदद करता है। अगर इस पर्दे में कोई परेशानी आ जाए, तो देखने की क्षमता हमेशा के लिए प्रभावित हो सकती है। आइए समझते हैं कि यह समस्या क्या है, इसके क्या-क्या लक्षण होते हैं और समय रहते इससे कैसे बचा जा सकता है।
क्या होता है रेटिना और यह क्यों इतना खास है?
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, हमारी आंख को एक कैमरे की तरह समझिए। जैसे कैमरे के अंदर फोटो खींचने के लिए एक फिल्म या सेंसर होता है, ठीक उसी तरह हमारी आंख के पिछले हिस्से में एक बहुत ही पतली झिल्ली होती है, जिसे रेटिना या आंख का पर्दा कहते हैं। जब हम किसी चीज को देखते हैं, तो रोशनी हमारी आंख में दाखिल होकर सीधे इसी रेटिना पर पड़ती है। रेटिना उस रोशनी को संकेतों में बदलकर दिमाग तक भेजती है और हमारा दिमाग समझ पाता है कि हम क्या देख रहे हैं। अगर इस पर्दे (रेटिना) में कोई सूजन, छेद या खिंचाव आ जाए, तो इंसान की देखने की रोशनी धुंधली पड़ने लगती है या हमेशा के लिए जा भी सकती है।
आंखों में क्या-क्या लक्षण या बदलाव दिखाई देते हैं?
- आंखों के सामने धब्बे तैरना (Eye Floaters)।
- रोशनी की चमक दिखना (Flashes of Light)।
- धुंधला दिखाई देना।
- किनारे की रोशनी कम होना।
- चीजें छोटी या बड़ी दिखना।
रेटिना खराब होने की मुख्य वजहें क्या हैं?
- उम्र का बढ़ना।
- डायबिटीज (मधुमेह)।
- हाई ब्लड प्रेशर।
- आंखों पर तेज चोट लगना।
- आंखों का ज्यादा नंबर (मायोपिया)।
डॉक्टर के पास कब जाना सबसे जरूरी है?
अगर आपको कभी भी अपनी आंख के सामने अचानक ढेर सारे तैरते धब्बे (Floaters) दिखाई देने लगें या बार-बार रोशनी की तेज लकीरें चमकती हुई दिखें, तो एक दिन का भी इंतजार न करें। यह इस बात का संकेत हो सकता है कि आपकी आंख का पर्दा अपनी जगह से अलग हो रहा है, जिसे मेडिकल भाषा में ‘रेटिनल डिटैचमेंट’ (Retinal Detachment) कहते हैं। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है। अगर इसमें सही समय पर डॉक्टर से जांच कराकर इलाज शुरू न कराया जाए, तो आंख की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है।

