Devic’s Disease: आंखों और स्पाइनल कॉर्ड पर हमला करती है डेविक्स डिजीज, जानिए Neuromyelitis Optica के लक्षण और कारण

Devic’s Disease: आंखों और स्पाइनल कॉर्ड पर हमला करती है डेविक्स डिजीज, जानिए Neuromyelitis Optica के लक्षण और कारण

Devic’s Disease Symptoms: कई बार हमारे शरीर में कुछ ऐसी बीमारियां हो जाती हैं, जिनके बारे में हम आमतौर पर बहुत कम सुनते हैं। ऐसी ही एक गंभीर लेकिन दुर्लभ बीमारी है न्यूरोमायलाइटिस ऑप्टिका (Neuromyelitis Optica – NMO), जिसे डेविक्स डिजीज (Devic’s Disease) के नाम से भी जाना जाता है। क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, यह बीमारी मुख्य रूप से हमारी आंखों की नसों और रीढ़ की हड्डी (Spinal Cord) को निशाना बनाती है। अक्सर लोग इसके शुरुआती लक्षणों को सामान्य कमजोरी, आंखों का चश्मा बढ़ने का असर या रीढ़ की हड्डी में मामूली खिंचाव मानकर टाल देते हैं। लेकिन समय रहते इसे न पहचानना काफी भारी पड़ सकता है। आइए समझते हैं कि डेविक्स डिजीज क्या है, यह शरीर को कैसे नुकसान पहुंचाती है और इसके क्या लक्षण हैं।

क्या है डेविक्स डिजीज या NMO?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, यह एक ऑटोइम्यून बीमारी (Autoimmune Disease) है। हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) हमें बीमारियों से बचाने के लिए होता है। लेकिन इस बीमारी में हमारा ही इम्यून सिस्टम किसी भ्रम के कारण शरीर की स्वस्थ नसों को दुश्मन मानकर उन पर हमला करने लगता है। डेविक्स डिजीज में इम्यून सिस्टम दो खास जगहों को नुकसान पहुंचाता है;

  • आंखों की नसें (Optic Nerves)।
  • स्पाइनल कॉर्ड (Spinal Cord)।

इसके मुख्य लक्षण क्या हैं?

  • आंखों में दर्द महसूस होना।
  • अचानक धुंधला दिखना।
  • रोशनी का बिल्कुल चला जाना।
  • हाथ-पैरों में कमजोरी या लकवा (Paralysis)।
  • सुन्नपन या झुनझुनी
  • पेशाब और शौच पर कंट्रोल छूटना।
  • अचानक तेज हिचकी या उल्टी आना।

क्यों होती है यह बीमारी?

  • एंटीबॉडी का हमला।
  • महिलाओं में अधिक खतरा।
  • 30 से 50 साल की उम्र के लोगों में मामले ज्यादा आते हैं।

क्या यह मल्टीपल स्क्लेरोसिस (MS) जैसी है?

पहले के समय में डॉक्टर NMO को मल्टीपल स्क्लेरोसिस (MS) नाम की बीमारी का ही एक रूप मानते थे, क्योंकि दोनों के लक्षण काफी मिलते-जुलते हैं। लेकिन अब मेडिकल साइंस ने यह साफ कर दिया है कि डेविक्स डिजीज एक अलग बीमारी है। MS की तुलना में इसके हमले ज्यादा तेज और गंभीर हो सकते हैं, इसलिए इसका इलाज भी अलग तरीके से किया जाता है।

डॉक्टर से सलाह कब लेनी चाहिए?

अगर किसी को आंखों में तेज दर्द के साथ रोशनी धुंधली लगे, या हाथ-पैरों में अचानक सुन्नपन और कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट (तंत्रिका रोग विशेषज्ञ) को दिखाना चाहिए। यह एक गंभीर बीमारी है, लेकिन सही समय पर पहचान होने पर स्टेरॉयड और इम्यून सिस्टम को शांत करने वाली दवाओं (Immunosuppressive Therapy) के जरिए इसके हमलों को रोका जा सकता है और मरीज को राहत दी जा सकती है।

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