संभल में गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद किनारे बसे गांवों के खेतों और संपर्क मार्गों से होता हुआ पानी आबादी के बीच पहुंच गया है। डीएम अंकित खंडेलवाल के निरीक्षण के बाद गुन्नौर से सपा विधायक रामखिलाड़ी यादव भी जनता के बीच पहुंचे। गुरुवार शाम 5 बजे उन्होंने नाव में बैठकर उदिया नगला, तोतापुर, बझांगी और ईसमपुर का दौरा किया। शुक्रवार सुबह 8 बजे रामखिलाड़ी यादव मिठनपुर, रघुपुर पुख्ता और मैंगरा पहुंचे। उन्होंने लोगों से उनकी समस्याएं पूछीं। विधायक ने बताया कि उम्मेदपुर, मौलनपुर, मई, मिठनपुर, बझांगी, ऐरोला, ईसमपुर डांडा, रघुपुर पुख्ता, मैंगरा और सालिग की मढ़ैया जैसे गांवों में किसानों की गन्ने, बाजरा और धान की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि वे बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा करें और किसानों को फसलों का मुआवजा दें। उन्होंने कहा कि किसानों को कम से कम 5,000 रुपये प्रति बीघा के हिसाब से मुआवजा मिलना चाहिए। विधायक ने सड़कों के दोबारा निर्माण की भी मांग की, ताकि लोगों को आने-जाने में सुविधा हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 सालों से गुन्नौर विधानसभा क्षेत्र में न कोई नई सड़क बनी है और न ही किसी पुरानी सड़क की मरम्मत हुई है। उन्होंने कहा कि गुन्नौर की जनता और किसान बहुत परेशान हैं। रामखिलाड़ी यादव ने कहा कि गुन्नौर भी उत्तर प्रदेश का हिस्सा है और यह संभल जिले की एक तहसील है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस क्षेत्र पर ध्यान देने और गुन्नौर के विकास में तेजी लाने की अपील की। उन्होंने बताया कि गरीब किसान झोपड़ियों में रह रहे हैं और उनकी हालत बहुत खराब है। उन्होंने यह भी बताया कि डीएम ने हाल ही में दौरा कर लोगों की बदहाली देखी है। रामखिलाड़ी यादव ने याद दिलाया कि 2012 से 2017 तक अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते हुए समाजवादी पार्टी की सरकार ने एक बांध बनवाने का काम किया था। उन्होंने वादा किया कि अगर समाजवादी पार्टी की सरकार दोबारा बनती है, तो असदपुर, ईसमपुर, बझांगी, साधुमणि की मढ़ैया और मिठनपुर तक एक रिंग बांध बनाया जाएगा, जिससे गांवों को बाढ़ से बचाया जा सके।

