इतिहास बन जाएगा सीमा फाटक रेलवे क्रासिंग नंबर -110:दिल्ली-हावड़ा ट्रैक पर 160 की रफ्तार से दौड़ती हैं ट्रेनें, अब हमेशा के लिए बंद होगा यह रास्ता, डीएम ने जारी की एनओसी

इतिहास बन जाएगा सीमा फाटक रेलवे क्रासिंग नंबर -110:दिल्ली-हावड़ा ट्रैक पर 160 की रफ्तार से दौड़ती हैं ट्रेनें, अब हमेशा के लिए बंद होगा यह रास्ता, डीएम ने जारी की एनओसी

कभी शहर के एक हिस्से को दूसरे से जोड़ने वाली रोजमर्रा की राह रहा नई बस्ती का सीमा रेलवे फाटक नंबर-110 अब इतिहास में दर्ज होने जा रहा है। दिल्ली-हावड़ा जैसे व्यस्त रेल मार्ग पर स्थित इस फाटक को स्थायी रूप से बंद करने की तैयारी पूरी हो गई है। यहां से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक ट्रेनें गुजरती हैं। संकरे रास्ते और लगातार बढ़ते रेल यातायात के बीच मानवयुक्त फाटक हादसे का खतरा बढ़ाता है। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने फाटक बंद करने के लिए एनओसी जारी कर दी है।
फाटक बंद होने के बाद यहां से गुजरने वाले सड़क यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जाएगा। खास बात यह है कि फाटक से महज करीब 50 मीटर दूर कठपुला और लगभग 500 मीटर की दूरी पर जेल रोड ओवरब्रिज मौजूद है। प्रशासन और रेलवे की संयुक्त जांच में इन्हें इस रास्ते के प्रमुख विकल्प माना गया है।
हादसों का खतरा, इसलिए लिया फैसला
यह फाटक दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर है। इस ट्रैक पर ट्रेनों की रफ्तार काफी अधिक है और पूर्व में फाटक क्षेत्र में हादसे भी होते रहे हैं। रेलवे की योजना मानवयुक्त फाटकों को खत्म कर रेल संचालन को अधिक सुरक्षित और निर्बाध बनाने की है। इसी कड़ी में फाटक-110 को भी बंद किया जा रहा है। प्रशासन की संयुक्त रिपोर्ट में जनसुरक्षा, सुचारु सड़क यातायात और सुरक्षित रेल संचालन को फाटक बंद करने का आधार बनाया गया है। एसपी यातायात प्रवीण कुमार का कहना है कि यहां यातायात का दबाव बहुत अधिक नहीं है और इसके लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हैं।
आरओबी या अंडरपास क्यों नहीं?
फाटक के आसपास रास्ता संकरा है। इसके अलावा सीवेज पाइपलाइन, बिजली के तार और दूसरी यूटिलिटी लाइनें भी मौजूद हैं। ऐसे में इसी स्थान पर नया आरओबी या अंडरपास बनाना व्यावहारिक नहीं माना गया। रेलवे की रिपोर्ट में भी मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इन विकल्पों को मुश्किल बताया गया है। इसलिए यातायात को पास के मौजूदा ओवरब्रिज की ओर मोड़ने का विकल्प चुना गया है। यानी फाटक बंद होने के बाद लोगों को कुछ अतिरिक्त दूरी जरूर तय करनी होगी, लेकिन रेल लाइन को पार करने के लिए उन्हें सुरक्षित वैकल्पिक रास्ते मिलेंगे।
स्थानीय लोगों की चिंता, छोटा रास्ता बंद हुआ तो बढ़ेगी दूरी
फाटक बंद होने की खबर से आसपास के लोग चिंतित हैं। उनका कहना है कि यह रास्ता शहर और सिविल लाइंस के बीच आने-जाने वालों के लिए सीधा संपर्क रहा है। स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों, एएमयू से जुड़े लोगों, कचहरी जाने वालों और आसपास की दुकानों पर आने वाले ग्राहकों को अब वैकल्पिक मार्ग से घूमकर जाना पड़ेगा।
स्थानीय लोगों की मांग है कि भारी यातायात के लिए भले ही कठपुला और जेल रोड ओवरब्रिज का इस्तेमाल कराया जाए, लेकिन पैदल और बाइक सवारों के लिए सुरक्षित छोटा रास्ता उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना है कि ऐसा इंतजाम होने पर सुरक्षा भी बनी रहेगी और आसपास के बाजार व लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही भी ज्यादा प्रभावित नहीं होगी।
50 मीटर पर कठपुला, 500 मीटर पर जेल रोड ओवरब्रिज
फाटक बंद होने के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ा तर्क यही है कि इसके आसपास वैकल्पिक मार्ग पहले से मौजूद हैं। करीब 50 मीटर दूर कठपुला और करीब 500 मीटर दूर जेल रोड ओवरब्रिज सड़क यातायात को रेलवे ट्रैक पार करने का रास्ता देते हैं। ऐसे में फाटक को खुला रखने के बजाय सुरक्षित ओवरब्रिज से यातायात संचालित करने की तैयारी है। अब सवाल फाटक बचाने का नहीं, बल्कि उसे बंद करने के बाद पैदल और दोपहिया यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प देने का है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *