मिथिला के लिए एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना की पहल हुई है। नेपाल के पशुपतिनाथ धाम से झारखंड के वैद्यनाथ धाम तक प्रस्तावित हाई स्पीड कॉरिडोर को दरभंगा के कुशेश्वरस्थान-खगड़िया होकर बनाने की दिशा में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंत्रालय को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सांसद सह लोकसभा में भाजपा सचेतक डॉ. गोपालजी ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री के पत्र के हवाले से यह जानकारी दी। सांसद ने बताया कि नए राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की नीति के तहत यातायात घनत्व, माल ढुलाई, यात्री आवागमन, सामाजिक-आर्थिक महत्व और पर्यटन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाती है। इसी क्रम में पशुपतिनाथ-वैद्यनाथधाम हाई स्पीड कॉरिडोर को कुशेश्वरस्थान और खगड़िया होकर ले जाने की पहल की गई है। 3 अप्रैल को केंद्रीय मंत्री से की थी मांग डॉ. गोपालजी ठाकुर ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर 3 अप्रैल को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर पत्र सौंपा था और कॉरिडोर को कुशेश्वरस्थान होकर बनाने की दिशा में शीघ्र पहल करने का आग्रह किया था। इसके बाद मंत्रालय स्तर पर परियोजना से जुड़ी औपचारिकताओं, आंकड़ों और संभावनाओं का अध्ययन किया गया। सांसद के अनुसार, 7 सितंबर को केंद्रीय मंत्री ने इस कॉरिडोर को कुशेश्वरस्थान होकर बनाने के लिए मंत्रालय को निर्देश जारी किया है। कुशेश्वरस्थान के धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा सांसद ने कहा कि प्रस्तावित कॉरिडोर धार्मिक पर्यटन, भारत-नेपाल सीमा संपर्क और क्षेत्रीय आर्थिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगा। कुशेश्वरस्थान उत्तर बिहार का प्रमुख धार्मिक स्थल है। इसे हाई स्पीड कॉरिडोर से जोड़ने पर देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवागमन आसान होगा और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस सड़क संपर्क का लाभ केवल दरभंगा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास के कई जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे क्षेत्र में व्यापार, रोजगार और आधारभूत संरचना के विकास को गति मिलने की संभावना है। नेपाल से झारखंड तक मजबूत होगा सड़क संपर्क डॉ. ठाकुर ने कहा कि नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर से झारखंड के वैद्यनाथधाम तक बनने वाला हाई स्पीड कॉरिडोर दरभंगा के कुशेश्वरनाथ से जुड़ता है तो मिथिला का सीधा सड़क संपर्क नेपाल और झारखंड से हो जाएगा। इससे भारत-नेपाल के बीच व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर के माध्यम से मिथिला की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का विस्तार नेपाल और झारखंड तक होगा। आने वाले समय में यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है। निर्माणाधीन कोसी तटबंध सड़क से जोड़ने का सुझाव सांसद ने बताया कि कॉरिडोर को कुशेश्वरस्थान से जोड़ने में मौजूदा एवं निर्माणाधीन सड़क आधारभूत संरचना का भी उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि करीब 301 करोड़ रुपये की लागत से 25 किलोमीटर लंबाई में निर्माणाधीन पश्चिमी कोसी तटबंध की सड़क के माध्यम से हाई स्पीड कॉरिडोर को कुशेश्वरस्थान से जोड़ा जा सकता है। इससे 25 किलोमीटर हिस्से में नए हाई स्पीड कॉरिडोर के निर्माण की लागत कम रखने में मदद मिल सकती है। उत्तर बिहार के विकास को मिलेगी नई गति सांसद ने कहा कि यह परियोजना उत्तर बिहार के उन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें लंबे समय से बेहतर सड़क संपर्क की आवश्यकता रही है। हाई स्पीड कॉरिडोर बनने से यात्री और माल परिवहन सुगम होगा तथा क्षेत्रीय बाजारों को बड़े व्यापारिक केंद्रों से जोड़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने मिथिला को इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति आभार जताया। सांसद ने कहा कि आने वाले समय में पशुपतिनाथ-वैद्यनाथधाम हाई स्पीड कॉरिडोर उत्तर बिहार के आर्थिक, धार्मिक और पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। मिथिला के लिए एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना की पहल हुई है। नेपाल के पशुपतिनाथ धाम से झारखंड के वैद्यनाथ धाम तक प्रस्तावित हाई स्पीड कॉरिडोर को दरभंगा के कुशेश्वरस्थान-खगड़िया होकर बनाने की दिशा में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंत्रालय को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सांसद सह लोकसभा में भाजपा सचेतक डॉ. गोपालजी ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री के पत्र के हवाले से यह जानकारी दी। सांसद ने बताया कि नए राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की नीति के तहत यातायात घनत्व, माल ढुलाई, यात्री आवागमन, सामाजिक-आर्थिक महत्व और पर्यटन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाती है। इसी क्रम में पशुपतिनाथ-वैद्यनाथधाम हाई स्पीड कॉरिडोर को कुशेश्वरस्थान और खगड़िया होकर ले जाने की पहल की गई है। 3 अप्रैल को केंद्रीय मंत्री से की थी मांग डॉ. गोपालजी ठाकुर ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर 3 अप्रैल को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर पत्र सौंपा था और कॉरिडोर को कुशेश्वरस्थान होकर बनाने की दिशा में शीघ्र पहल करने का आग्रह किया था। इसके बाद मंत्रालय स्तर पर परियोजना से जुड़ी औपचारिकताओं, आंकड़ों और संभावनाओं का अध्ययन किया गया। सांसद के अनुसार, 7 सितंबर को केंद्रीय मंत्री ने इस कॉरिडोर को कुशेश्वरस्थान होकर बनाने के लिए मंत्रालय को निर्देश जारी किया है। कुशेश्वरस्थान के धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा सांसद ने कहा कि प्रस्तावित कॉरिडोर धार्मिक पर्यटन, भारत-नेपाल सीमा संपर्क और क्षेत्रीय आर्थिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगा। कुशेश्वरस्थान उत्तर बिहार का प्रमुख धार्मिक स्थल है। इसे हाई स्पीड कॉरिडोर से जोड़ने पर देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवागमन आसान होगा और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस सड़क संपर्क का लाभ केवल दरभंगा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास के कई जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे क्षेत्र में व्यापार, रोजगार और आधारभूत संरचना के विकास को गति मिलने की संभावना है। नेपाल से झारखंड तक मजबूत होगा सड़क संपर्क डॉ. ठाकुर ने कहा कि नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर से झारखंड के वैद्यनाथधाम तक बनने वाला हाई स्पीड कॉरिडोर दरभंगा के कुशेश्वरनाथ से जुड़ता है तो मिथिला का सीधा सड़क संपर्क नेपाल और झारखंड से हो जाएगा। इससे भारत-नेपाल के बीच व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर के माध्यम से मिथिला की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का विस्तार नेपाल और झारखंड तक होगा। आने वाले समय में यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है। निर्माणाधीन कोसी तटबंध सड़क से जोड़ने का सुझाव सांसद ने बताया कि कॉरिडोर को कुशेश्वरस्थान से जोड़ने में मौजूदा एवं निर्माणाधीन सड़क आधारभूत संरचना का भी उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि करीब 301 करोड़ रुपये की लागत से 25 किलोमीटर लंबाई में निर्माणाधीन पश्चिमी कोसी तटबंध की सड़क के माध्यम से हाई स्पीड कॉरिडोर को कुशेश्वरस्थान से जोड़ा जा सकता है। इससे 25 किलोमीटर हिस्से में नए हाई स्पीड कॉरिडोर के निर्माण की लागत कम रखने में मदद मिल सकती है। उत्तर बिहार के विकास को मिलेगी नई गति सांसद ने कहा कि यह परियोजना उत्तर बिहार के उन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें लंबे समय से बेहतर सड़क संपर्क की आवश्यकता रही है। हाई स्पीड कॉरिडोर बनने से यात्री और माल परिवहन सुगम होगा तथा क्षेत्रीय बाजारों को बड़े व्यापारिक केंद्रों से जोड़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने मिथिला को इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति आभार जताया। सांसद ने कहा कि आने वाले समय में पशुपतिनाथ-वैद्यनाथधाम हाई स्पीड कॉरिडोर उत्तर बिहार के आर्थिक, धार्मिक और पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।

