मॉस्को में हिरासत में लिए गए भारतीय इंजीनियर चंदन गुप्ता अपनी पत्नी स्नेहा और बच्चे के साथ गुरुवार रात कानपुर अपने घर लौट आए। भारत आने के बाद स्नेहा ने एक वीडियो जारी कर पूरे मामले पर सवाल उठाए हैं। स्नेहा ने सोशल मीडिया पर उनके पति के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि अगर उनके पति ने शराब पी थी और गाड़ी का शीशा तोड़ा था या किसी तरह की तोड़फोड़ की थी, तो इसका वीडियो या फोटो सामने लाया जाए। स्नेहा ने कहा कि अगर किसी के पास मेरे पति के खिलाफ कोई प्रूफ है, कोई वीडियो या फोटो है, जिसमें वह तोड़फोड़ करते या ड्रिंक करते दिख रहे हैं, तो मुझे भेजिए। मेरे पास ऐसा कोई प्रूफ नहीं है। आप मुझे सबूत देंगे तो मैं उसे भारत में संबंधित अधिकारियों और दूतावास को दूंगी। ‘मॉस्को में हर 10 कदम पर कैमरे लगे हैं’ स्नेहा ने कहा कि मॉस्को जैसे शहर में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। ऐसे में अगर उनके पति ने कोई गलत काम किया है तो उसकी रिकॉर्डिंग सामने आनी चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर कमेंट करने वाले लोगों के साथ भारतीय दूतावास से भी सवाल किया। स्नेहा ने कहा कि दूतावास ने उनके और उनके पति से बात किए बिना यह बयान कैसे जारी किया कि उनके पति ने शराब पी और शीशा तोड़ा। उन्होंने कहा कि आपके पास सबूत है तो वीडियो जारी करिए। बताइए कि शीशा किसने और कहां तोड़ा। 48 घंटे तक पुलिस ने रखा- स्नेहा स्नेहा का कहना है कि मॉस्को पुलिस ने उनके पति को 1-2 घंटे नहीं, बल्कि करीब 48 घंटे तक हिरासत में रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके पति के दस्तावेजों की सही तरह से जांच नहीं की।
स्नेहा का दावा है कि उनके पति वर्क वीजा पर रूस में थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें टूरिस्ट वीजा पर आया हुआ समझकर पकड़ लिया। उन्होंने कहा कि उनके पति को रूसी भाषा न बोलनी आती है और न पढ़नी, इसके बावजूद उनसे कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करा लिए गए। स्नेहा ने दावा किया कि मामला कोर्ट तक पहुंचने के बाद भी पुलिस उनके पति पर लगाए गए आरोपों को साबित नहीं कर सकी, क्योंकि उनके पास पर्याप्त सबूत नहीं थे। जबरदस्ती कागजों पर साइन कराने का आरोप स्नेहा ने आरोप लगाया कि उनके पति से कुछ दस्तावेजों पर दबाव डालकर हस्ताक्षर कराए गए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उनके पास लिखित सबूत मौजूद हैं और भारत लौटने के बाद वह इसे मुख्यमंत्री या संबंधित अधिकारियों के सामने रखेंगी। स्नेहा का कहना है कि उनके पति को धमकी दी गई कि अगर उन्होंने प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर नहीं किए तो उनके खिलाफ चार और मामले दर्ज किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि उस समय उनके पति को वहां से निकलना था, इसलिए दबाव में हस्ताक्षर किए गए। ‘पति DGM थे, कोई चपरासी नहीं’ स्नेहा ने अपने पति की नौकरी का जिक्र करते हुए कहा कि वह कंपनी में DGM के पद पर थे। उन्होंने सवाल उठाया कि कोई व्यक्ति अपने ही देश में ऐसा काम नहीं करता तो विदेश जाकर ऐसा क्यों करेगा। स्नेहा ने कहा कि वह पूरे मामले में भारतीय दूतावास से जवाब मांगेंगी। उनका आरोप है कि दूतावास के बयान से उनके पति और विदेश में रहने वाले भारतीयों की छवि प्रभावित हुई है। पति को रूसी सेना भेजने का लगाया था आरोप भारत से इंजीनियर चंदन गुप्ता वर्क वीजा पर रूस गए थे। उनकी पत्नी स्नेहा ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि रूसी पुलिस ने उनके पति को बिना किसी वजह के गिरफ्तार कर लिया और उन्हें जबरदस्ती सेना में भेजा जा रहा है। स्नेहा ने रूस में भारतीय दूतावास पर भी कोई मदद न करने का आरोप लगाया था।

