कुशीनगर के पडरौना रेलवे स्टेशन पर इन दिनों अव्यवस्थाओं का आलम है। सिटीजन चार्टर के दिशा-निर्देशों के पालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। करीब दो-तीन साल से स्टेशन के सुंदरीकरण का काम अधूरा पड़ा है। निर्माण पूरा नहीं होने के कारण यात्रियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पडरौना रेलवे स्टेशन गोरखपुर-कप्तानगंज-थावे रेल मार्ग पर स्थित है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से कुछ दिन पहले स्टेशन के सुंदरीकरण कार्य का शिलान्यास हुआ था और चुनाव से पहले ही काम भी शुरू कर दिया गया था। प्रवेश द्वार के मुख्य कक्ष के खंभे, स्टेशन मास्टर कक्ष और सिग्नल स्टाफ के कक्ष का निर्माण तो हुआ, लेकिन ये सभी काम अधूरे पड़े हैं। अधूरे निर्माण के बीच स्टेशन परिसर में आधी-अधूरी लाइटें ही जलती हैं। रात के समय उबड़-खाबड़ और ऊंची-नीची जमीन यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन जाती है। कई बार लोग संतुलन बिगड़ने से गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं। लंबे समय से काम बंद होने के बावजूद इसे पूरा कराने को लेकर जिम्मेदारों की ओर से कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है। दो-तीन साल से अधूरा पड़ा है निर्माण पडरौना स्टेशन के सुंदरीकरण का काम लोकसभा चुनाव 2024 से पहले शुरू हुआ था। मुख्य प्रवेश द्वार के कक्ष के खंभों के साथ स्टेशन मास्टर और सिग्नल स्टाफ के कक्ष भी बनाए गए, लेकिन निर्माण पूरा नहीं हो सका। लंबे समय से निर्माण कार्य रुका होने से स्टेशन परिसर की व्यवस्था प्रभावित है। रात में आधी-अधूरी लाइटें बढ़ा रहीं परेशानी स्टेशन परिसर में पर्याप्त और व्यवस्थित रोशनी नहीं होने से रात में यात्रियों की परेशानी बढ़ जाती है। आधी-अधूरी लाइटों के बीच जमीन भी कई जगह ऊंची-नीची है। ऐसे में यात्रियों को संभलकर चलना पड़ता है और गिरने से चोट लगने का खतरा बना रहता है। निर्माण संस्था का न बोर्ड, न अधिकारी की मौजूदगी स्थानीय लोगों के मुताबिक स्टेशन परिसर में निर्माण कार्य से जुड़ी संस्था का कोई प्रतिनिधि नजर नहीं आता। मौके पर जिम्मेदार अधिकारी भी नहीं मिलते। सुंदरीकरण कार्य के बजट, निर्माण संस्था के नाम या संपर्क नंबर से संबंधित कोई डिस्प्ले बोर्ड भी स्टेशन परिसर में नहीं लगाया गया है। जल्द काम पूरा कराने की मांग पडरौना और आसपास के लोगों का कहना है कि स्टेशन का सुंदरीकरण लंबे समय से अधूरा पड़ा है, जबकि यात्रियों को रोजाना इसकी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उनका कहना है कि अधूरे निर्माण को जल्द पूरा कराया जाए और स्टेशन परिसर में रोशनी व अन्य जरूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएं, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।

