झारखंड के 8 जिलों में भारी बारिश की संभावना:गर्जन-वज्रपात के साथ तेज हवा चलने के आसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन से बारिश का यलो अलर्ट

झारखंड के 8 जिलों में भारी बारिश की संभावना:गर्जन-वज्रपात के साथ तेज हवा चलने के आसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन से बारिश का यलो अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम के प्रभाव से झारखंड में 11 सितंबर को कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को राज्य में कहीं-कहीं गर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवा चलने की संभावना है। वहीं, पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला खरसावां में कहीं-कहीं पर भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने भारी बारिश, गर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। लोगों को गर्जन के दौरान पेड़ों के नीचे न जाने, खेतों में काम से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों और कच्चे मकानों से दूर रहने तथा बिजली के उपकरणों का उपयोग नहीं करने की सलाह दी गई है। बंगाल की खाड़ी में सिस्टम एक्टिव, दो दिन भारी बारिश
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे हुए बांग्लादेश में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन 7.6 किमी तक फैल रहा है। इसके प्रभाव से उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे हुए क्षेत्रों में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इस कारण एक-दो दिन झारखंड के कई क्षेत्रों में भारी बारिश होगी। 11 सितंबर तक भारी बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी सिंहभूम में 46% अधिक हुई बारिश
इधर, 1 जून से 10 सितंबर तक मानसून के दौरान राज्य के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि कुछ जिले अब भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। पश्चिमी सिंहभूम में 1297.8 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 887.5 मिमी से 46% अधिक है। इसी तरह कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। देवघर में सामान्य से 30% कम बारिश हुई है। बोकारो में भी 12% की कमी दर्ज की गई, जो राज्य के प्रमुख जिलों में सबसे बड़ी कमी में शामिल है। कोडरमा में भी सामान्य बारिश के मुकाबले कमी रही। वहीं, कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम के प्रभाव से झारखंड में 11 सितंबर को कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को राज्य में कहीं-कहीं गर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवा चलने की संभावना है। वहीं, पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला खरसावां में कहीं-कहीं पर भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने भारी बारिश, गर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। लोगों को गर्जन के दौरान पेड़ों के नीचे न जाने, खेतों में काम से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों और कच्चे मकानों से दूर रहने तथा बिजली के उपकरणों का उपयोग नहीं करने की सलाह दी गई है। बंगाल की खाड़ी में सिस्टम एक्टिव, दो दिन भारी बारिश
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे हुए बांग्लादेश में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन 7.6 किमी तक फैल रहा है। इसके प्रभाव से उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे हुए क्षेत्रों में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इस कारण एक-दो दिन झारखंड के कई क्षेत्रों में भारी बारिश होगी। 11 सितंबर तक भारी बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी सिंहभूम में 46% अधिक हुई बारिश
इधर, 1 जून से 10 सितंबर तक मानसून के दौरान राज्य के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि कुछ जिले अब भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। पश्चिमी सिंहभूम में 1297.8 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 887.5 मिमी से 46% अधिक है। इसी तरह कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। देवघर में सामान्य से 30% कम बारिश हुई है। बोकारो में भी 12% की कमी दर्ज की गई, जो राज्य के प्रमुख जिलों में सबसे बड़ी कमी में शामिल है। कोडरमा में भी सामान्य बारिश के मुकाबले कमी रही। वहीं, कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है।  

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