CM Yogi Adityanath ने जनप्रतिनिधियों से Seva Sankalp Abhiyan को सफल बनाने का आह्वान किया

CM Yogi Adityanath ने जनप्रतिनिधियों से Seva Sankalp Abhiyan को सफल बनाने का आह्वान किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को सभी जनप्रतिनिधियों से ‘सेवा संकल्प अभियान’ से जुड़ने और अपने-अपने क्षेत्रों में जनता के साथ मिलकर इसे सफल बनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी सांसदों, जिला पंचायत अध्यक्षों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों, महापौरों, नगर पालिका एवं नगर पंचायत अध्यक्षों तथा ब्लॉक प्रमुखों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक की। एक आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अभियान के 12 प्रमुख कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के निरंतर सेवा काल को समर्पित यह अभियान तभी सार्थक होगा, जब इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी होगी।

उन्होंने कहा कि सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से अभियान की पहुंच गांव से लेकर शहर तक और समाज के हर वर्ग तक होगी। योगी ने 17 सितंबर को आयोजित होने वाले ‘सेवा दिवस-आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में भी जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सेवा दिवस के अवसर पर विश्वकर्मा जयंती भी मनाई जाएगी और सभी विधानसभा क्षेत्रों में विश्वकर्मा पूजन के साथ शिल्पकारों को टूलकिट वितरित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत शाम सात बजे लाभार्थी परिवारों के साथ दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। इसके अलावा डबल इंजन सरकार की योजनाओं से बने प्रमुख भवनों और विकास परियोजनाओं के स्थलों पर भी दीप जलाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से अपने-अपने क्षेत्रों में इन कार्यक्रमों में उपस्थित रहने को कहा।

एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम में सभी सरकारी और निजी प्राथमिक, माध्यमिक तथा उच्च शिक्षण संस्थानों को जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की चित्रकला, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं के साथ शिक्षकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों और युवाओं को देश की विकास यात्रा से जोड़ा जा सके। उन्होंने बताया कि ‘नमो सेवा : अनकही कहानियां’ कार्यक्रम 18 सितंबर से प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर आयोजित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को इसकी नोडल भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय कलाकारों, विद्यार्थियों और शिक्षकों को कार्यक्रम से जोड़ने तथा सेवा, सुशासन और विकास की कहानियों को लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। योगी ने ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सम्मान तथा हेल्दी बेबी प्रतियोगिता के आयोजन की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल आयोजन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि माताओं तक पोषण, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास से जुड़ी जरूरी जानकारी भी पहुंचाई जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने ‘सेवा की कहानी’ कार्यक्रम के तहत पिछले साढ़े नौ वर्षों में आए बदलावों को लाभार्थियों की अपनी कहानियों के माध्यम से सामने लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वीडियो रील में लाभार्थी का नाम, ग्राम, जनपद और योजना का नाम अवश्य दिया जाए।

इसमें मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष और आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को भी शामिल किया जाए। ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि सात अक्टूबर का दिन विशेष महत्व रखता है। इसी दिन 25 वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जनसेवा की एक नई यात्रा शुरू की थी।

उन्होंने बताया कि इस अवसर पर प्रत्येक जिले के एक प्रमुख चौराहे पर ‘सेवा कलश’ स्थापित किया जाएगा और प्रधानमंत्री का विशेष संबोधन होगा। उन्होंने कहा कि ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के तहत नागरिकों को विभिन्न सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाए। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम दो स्थानों के कायाकल्प का कार्य भी जनभागीदारी से कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने ‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत प्रत्येक विकासखंड में सात दिवसीय बहुउद्देशीय सेवा शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य यह होना चाहिए कि नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। एक ही स्थान पर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी, आवेदन, पात्रता सत्यापन और स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी हो सके।

इन शिविरों के साथ स्वास्थ्य मेले भी आयोजित किए जाएंगे। योगी ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ की वास्तविक ताकत लोगों की भागीदारी है। इसलिए इसमें सांसदों और विधायकों के साथ ग्राम स्तर के जनप्रतिनिधि, युवा, महिलाएं, विद्यार्थी, शिल्पकार, स्वयं सहायता समूह और सामाजिक संगठनों को भी जोड़ा जाए।

उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान को अपने-अपने क्षेत्रों में सेवा, सुशासन और जनभागीदारी का उत्सव बनाने का आह्वान किया।

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