रायसेन में बारिश के बाद शहर के खाली प्लॉट अब आसपास रहने वाले परिवारों के लिए मुसीबत बन गए हैं। शहर में 250 से ज्यादा खाली प्लॉटों में बारिश का पानी जमा है। कई जगह इतना पानी भरा है कि ये प्लॉट तालाब जैसे दिख रहे हैं। पानी की निकासी नहीं होने से इनमें मच्छर पैदा हो रहे हैं। साथ ही, जहरीले जीव-जंतुओं के घरों तक पहुंचने का डर भी बना हुआ है। लोग लगातार बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। शहर के अशोक नगर और शिवोम नगर में सबसे ज्यादा खाली प्लॉट हैं। इन इलाकों में कई जगह लंबे समय से पानी जमा है। रहवासियों के अनुसार, शाम होते ही मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है। पानी जमा होने से सांप और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के घरों में आने का डर भी रहता है। कई बार शिकायत कर चुके रहवासी
शिवोम नगर निवासी रतनबाई धाकड़ और नरेश शर्मा ने बताया कि उनके घरों के सामने खाली प्लॉटों में सिर्फ बारिश के दिनों में ही नहीं, बल्कि पूरे साल पानी जमा रहता है। इससे मच्छर पनपते हैं और परिवार के सदस्यों के बीमार होने का डर रहता है। उन्होंने कई बार नगर पालिका में शिकायत कर पानी निकासी की मांग की है, लेकिन अब तक कोई पक्का समाधान नहीं हुआ है। वार्ड 13 में भी जल निकासी की समस्या
वार्ड 13 अशोक नगर निवासी कमलेश राजपूत ने बताया कि मोहल्ले में पानी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। खाली प्लॉटों में जमा पानी से मच्छरों की संख्या बढ़ गई है। रहवासियों का कहना है कि नगर पालिका की ओर से नियमित दवा का छिड़काव भी नहीं कराया जा रहा है। कई परिवारों में लोग बुखार और वायरल जैसी बीमारियों से परेशान हैं। हर साल नोटिस, फिर भी नहीं सुधरे हालात
नगर पालिका की ओर से खाली प्लॉट मालिकों को हर साल नोटिस दिए जाने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद कई प्लॉटों में सफाई और पानी निकासी की व्यवस्था नहीं की गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि नोटिस के बाद कार्रवाई नहीं होने से प्लॉट मालिकों पर इसका असर क्यों नहीं हो रहा। नपा रायसेन के स्वच्छता प्रभारी शशिकांत महोड़ ने बताया कि जिन लोगों ने प्लॉट खरीदने के बाद भवन निर्माण नहीं कराया है और उनके प्लॉट में जलभराव व गंदगी की स्थिति है, उन्हें नोटिस दिए गए हैं। इसके बाद भी यदि प्लॉट मालिक जल निकासी और साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

