यूजीसी नियमों में रोलबैक, जातिगत नीतियों की समीक्षा और विभिन्न सामाजिक मुद्दों को लेकर सर्व संगठन और परशुराम सेना ने 10 सितंबर को ग्वालियर बंद का आह्वान किया है। संगठनों की ओर से फूलबाग स्थित रानी लक्ष्मीबाई समाधि के सामने वाले मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा। आंदोलन को लेकर पुलिस और प्रशासन अलर्ट है। इन मुद्दों को लेकर प्रदर्शन प्रदर्शनकारी संगठनों की प्रमुख मांगों में यूजीसी के हालिया दिशा-निर्देशों और नीतियों को वापस लेना शामिल है। इसके साथ ही सरकारी योजनाओं और आरक्षण व्यवस्था में सामाजिक संतुलन के लिए जातिगत नीतियों की समीक्षा की मांग की जा रही है। क्षेत्र के युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दे भी प्रदर्शन में उठाए जाएंगे। फूलबाग में प्रदर्शन की अनुमति प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को फूलबाग में रानी लक्ष्मीबाई समाधि के सामने वाले मैदान में एकत्र होने और प्रदर्शन की अनुमति दी है। आयोजकों ने आंदोलन को शांतिपूर्ण और अनुशासित रखने का आश्वासन दिया है। बंद के समर्थन में व्यापारिक प्रतिष्ठानों और आम लोगों से सहयोग की अपील की गई है। महाराज बाड़ा, मुरार और हजीरा में सुरक्षा बढ़ाई बंद के आह्वान को देखते हुए महाराज बाड़ा, बाड़ा बाजार, मुरार और हजीरा समेत प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई गई है। बुधवार शाम पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने संवेदनशील और प्रमुख मार्गों पर फ्लैग मार्च किया। चौराहों और प्रदर्शन स्थल पर निगरानी पुलिस ने प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया है। रानी लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। जरूरी सेवाओं को बंद से रखा बाहर बंद के दौरान एम्बुलेंस, मेडिकल स्टोर, दूध-सब्जी और अन्य आपातकालीन सेवाओं को बंद से मुक्त रखा गया है, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।

