मिर्जापुर में गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। गुरुवार सुबह 8 बजे केंद्रीय जल आयोग के ओझला ब्रिज गेज स्टेशन पर गंगा का जलस्तर 74.460 मीटर दर्ज किया गया। सुबह 6 से 8 बजे के बीच पानी में 1 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। फिलहाल जलस्तर बढ़ने की रफ्तार 0.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे है। हालांकि, अभी गंगा चेतावनी बिंदु और खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही है। मौजूदा जलस्तर खतरे के निशान 77.724 मीटर से 3.264 मीटर नीचे है। फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए तटीय इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। केंद्रीय जल आयोग के ओझला ब्रिज गेज स्टेशन पर गुरुवार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 74.460 मीटर रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले सुबह 6 बजे जलस्तर 74.450 मीटर था। यानी दो घंटे में 1 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान पानी बढ़ने की रफ्तार करीब 0.5 सेंटीमीटर प्रति घंटा रही। बढ़ोतरी की रफ्तार अभी धीमी है, लेकिन जलस्तर लगातार ऊपर जाने से नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। चेतावनी स्तर से 2.264 मीटर नीचे बह रही गंगा गंगा का चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर और खतरे का निशान 77.724 मीटर है। गुरुवार सुबह दर्ज 74.460 मीटर जलस्तर चेतावनी बिंदु से 2.264 मीटर और खतरे के निशान से 3.264 मीटर नीचे है। इस लिहाज से फिलहाल बाढ़ का खतरा नहीं है। प्रशासन और संबंधित विभाग केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के आधार पर नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रख रहे हैं। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तटीय इलाकों में असर पड़ने की आशंका को देखते हुए निगरानी जारी है। 1998 में 80.340 मीटर पहुंचा था जलस्तर मिर्जापुर में गंगा का अब तक का सबसे ज्यादा बाढ़ स्तर वर्ष 1998 में दर्ज किया गया था। उस दौरान नदी का जलस्तर 80.340 मीटर तक पहुंच गया था। मौजूदा जलस्तर इस रिकॉर्ड से करीब 5.880 मीटर नीचे है। अभी जलस्तर बढ़ने की गति कम है। इसलिए तटीय क्षेत्रों में किसी तरह की बाढ़ जैसी स्थिति नहीं बनी है। हालांकि, आने वाले समय में पानी की रफ्तार बढ़ती है या नहीं, इस पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। तटीय इलाकों में बढ़ाई निगरानी गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद तटीय क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन और संबंधित विभाग नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव को लगातार दर्ज कर रहे हैं। अधिकारियों के स्तर पर केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों की निगरानी की जा रही है। फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत बताई जा रही है। पानी बढ़ने की रफ्तार बढ़ने पर तटीय क्षेत्रों में स्थिति प्रभावित हो सकती है।

