न्यू नोएडा को बसाने के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अब तेज होने लगी है। नोएडा प्राधिकरण ने प्रथम चरण में शामिल गांवों में जमीन का सर्वे शुरू करा दिया है। इसके लिए पांच लेखपालों की टीम सोमवार से मैदान में उतर गई है। अब 5 और लेखपालों की नियुक्ति की जाएगी, जिससे सर्वे का काम तेजी से पूरा किया जा सके। प्राधिकरण की ओर से न्यू नोएडा के पहले चरण में आने वाले 31 गांवों में कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों के जरिए किसानों और भूमिधरों को जमीन खरीद से जुड़ी प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। साथ ही जमीन के कागजात और मालिकाना हक से संबंधित जानकारी भी जुटाई जाएगी। न्यू नोएडा में आने वाले कई किसान अब खुद प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर जमीन खरीद, मुआवजा और आबादी भूखंड से जुड़ी जानकारी ले रहे हैं। प्राधिकरण स्तर पर किसानों के सवालों और उनकी जमीन से जुड़ी जानकारी को दर्ज किया जा रहा है। जमीन के कागजात का होगा सत्यापन
लेखपाल गांवों में पहुंचकर राजस्व अभिलेखों का सत्यापन करेंगे। खसरा-खतौनी, जमीन के मालिकाना हक, खेतों की मौजूदा स्थिति और आबादी क्षेत्र से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। प्राधिकरण की योजना आपसी सहमति से किसानों से जमीन खरीदने की है। सर्वे पूरा होने के बाद संबंधित किसानों के साथ आगे की प्रक्रिया बढ़ाई जाएगी। अतिक्रमण रोकने की भी तैयारी
न्यू नोएडा के लिए जमीन खरीद से पहले और बाद में किसी तरह का नया अतिक्रमण न हो, इसके लिए भी प्राधिकरण तैयारी कर रहा है। इसके तहत अधिसूचना जारी होने से पहले और बाद की सैटेलाइट तस्वीरे ली जा रही है। इन तस्वीरों का मिलान कर यह पता लगाया जा सकेगा कि अधिसूचना के बाद संबंधित जमीन पर कोई नया निर्माण या अतिक्रमण तो नहीं हुआ। इससे भविष्य में जमीन और निर्माण को लेकर होने वाले विवादों की स्थिति में भी मदद मिलेगी। मुआवजा दर हो चुकी तय
डीएनजीआईआर यानी न्यू नोएडा के विकास में किसानों को भी भागीदार बनाने की योजना है। फेस-1 और फेस-2 में जमीन खरीद के लिए मुआवजा दर और 6 प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अनुरूप दिया जाएगा। वहीं फेस-3 और फेस-4 में मुआवजा दर के साथ 7 प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ यमुना प्राधिकरण के अनुरूप मिलेगा।

