गैंगस्टर संग सिपाही की पार्टी मामले में जांच शुरू:अब दर्ज होगा बयान, एसओजी भंग होने के बाद सामने आया था वीडियो

गैंगस्टर संग सिपाही की पार्टी मामले में जांच शुरू:अब दर्ज होगा बयान, एसओजी भंग होने के बाद सामने आया था वीडियो

प्रयागराज में गैंगस्टर के आरोपी संग सिपाही की बर्थडे पार्टी का वीडियो मामले की जांच शुरू हो गई है। तीन दिन पहले वीडियो सामने आया था और इसके बाद डीसीपी गंगानगर ने जांच एडीसीपी को सौंपी थी। अब इस मामले में संबंधितों का बयान दर्ज किया जाएगा और इसके बाद रिपोर्ट तैयार होगी। इस मामले की जांच एडीसीपी गंगानगर पुष्कर वर्मा को सौंपी गई है। उनका कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के क्रम में संबंधितों का बयान जल्द ही दर्ज किया जाएगा और इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट अफसरों को दी जाएगी। सिविल लाइंस के रेस्टोरेंट का वीडियो वीडियो में सिपाही जिन लोगों के साथ बर्थडे पार्टी मनाता नजर आ रहा है, उनमें एक हिस्ट्रीशीटर के गुर्गे के अलावा गैंगस्टर, हत्या के मुल्जिम के होने की भी बात सामने आई है। प्रयागराज और प्रतापगढ़ में हत्या के दो मुकदमों के आधार पर उस पर गैंगस्टर लगाया गया था। इनमें से एक मामले में उस पर युवक की हत्या कर शव रायबरेली में फेंकने के आरोप में 2018 में मुकदमा दर्ज हुआ था। सवाल यह उठ रहा है कि गैंगस्टर और हत्या जैसे मामलों के आरोपी के साथ सिपाही का क्या कनेक्शन है। उसके साथ वह पार्टी में शामिल कैसे हुआ, जबकि वह पहले से ही गंभीर अपराध के मामलों का आरोपी रह चुका था। पुलिस की ओर से प्रारंभिक जांच में यह बताया गया पुलिस की ओर से प्रारंभिक जांच के बाद बताया गया है कि यह वीडिया करीब दो साल पुराना है। इसमें एक सिपाही मौजूदा समय में होलागढ़ में तैनात है जो पूर्व में एसओजी में तैनात रह चुका है। वीडियो के संबंध में सभी तथ्य की गहनता से जांच करने और आवश्यक कार्रवाई के लिए जांच बैठाई गई है। एसओजी की चारों टीमें हुई थी भंग पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने तीन सितंबर को सेंट्रल एसओजी के साथ नगर, गंगानगर और यमुनानगर की एसओजी टीमें भंग कर दिया था। आदेश के बाद इन टीमों में तैनात पुलिसकर्मियों को अपने-अपने पुलिस उपायुक्त को रिपोर्ट करने के निर्देश दिए थे। यह भी कहा गया है कि किसी विशेष कार्य के लिए जरूरत पड़ने पर एडिशनल सीपी लॉ एंड ऑर्डर और एडिशनल सीपी मुख्यालय की संस्तुति और पुलिस कमिश्नर कार्यालय के अनुमोदन के बाद अस्थायी एसओजी टीम का गठन किया जा सकेगा।

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