उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने हाईस्कूल की मूल्यांकन व्यवस्था में बदलाव किया है। अब कक्षा 10वीं में विज्ञान और गृह विज्ञान विषयों में आंतरिक मूल्यांकन नहीं होगा। इसकी जगह यूपी बोर्ड खुद 30-30 नंबर की प्रैक्टिकल परीक्षा कराएगा। नई व्यवस्था के तहत छात्रों की अंकतालिका में प्रैक्टिकल के अंक भी दर्ज किए जाएंगे। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने 9 सितंबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया है। यह बदलाव शासन के 29 जनवरी 2026 के निर्देश के आधार पर परिषद के विनियमों में किया गया है। अब तक 5 प्वाइंट स्केल पर होता था मूल्यांकन पुरानी व्यवस्था में हाईस्कूल के विभिन्न विषयों में प्रैक्टिकल कार्यों का आंतरिक मूल्यांकन 05 प्वाइंट स्केल ग्रेडिंग प्रणाली के आधार पर किया जाता था। इसका परिणाम अंकपत्र में ग्रेड के रूप में दर्ज होता था। नई व्यवस्था में विज्ञान और गृह विज्ञान को इससे अलग कर दिया गया है। इन दोनों विषयों में अब बोर्ड स्तर पर प्रैक्टिकल परीक्षा होगी और उसके अंक विद्यार्थियों के अंकपत्र में दर्ज किए जाएंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि विज्ञान और गृह विज्ञान को छोड़कर अन्य विषयों में 05 प्वाइंट स्केल ग्रेडिंग के आधार पर आंतरिक मूल्यांकन की पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी। यानी बदलाव केवल विज्ञान और गृह विज्ञान के प्रैक्टिकल मूल्यांकन में किया गया है। इन दोनों विषयों में अब स्कूल स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन के बजाय बोर्ड की ओर से 30 नंबर की परीक्षा आयोजित की जाएगी। शिक्षा अधिकारियों को प्रचार-प्रसार के निर्देश बोर्ड सचिव ने शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), सभी मंडलीय संयुक्त एवं उप शिक्षा निदेशकों और मेरठ, बरेली, वाराणसी, प्रयागराज तथा गोरखपुर क्षेत्रीय कार्यालयों के अपर सचिवों को नई व्यवस्था की जानकारी व्यापक स्तर पर प्रसारित करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को भी अपने-अपने जिलों में नई मूल्यांकन व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू कराने और स्कूलों व विद्यार्थियों को इसकी जानकारी देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। क्या बदला, एक नजर में

