व्यापारी का किडनैपर दुबई में खिला रहा था सट्‌टा:पुलिस वर्दी में किया था अपहरण, 25 साल में 8 केस, पुलिस ने हिस्ट्रीशीट तक नहीं खोली

व्यापारी का किडनैपर दुबई में खिला रहा था सट्‌टा:पुलिस वर्दी में किया था अपहरण, 25 साल में 8 केस, पुलिस ने हिस्ट्रीशीट तक नहीं खोली

जयपुर में पुलिस की वर्दी पहन कर व्यापारी का अपहरण करने और परिजनों से फिरौती मांगने के मामले में फरार आरोपी करण आसवानी उर्फ कमल सिंधी दुबई में पकड़ा गया। करण को अबू धाबी इंटरपोल की टीम ने डिटेन किया। इसके बाद दुबई गई राजस्थान एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) की टीम आरोपी को लेकर जयपुर पहुंच गई। जांच एजेंसी आरोपी को रिमांड पर लेकर देश में पनप रहे गैंग, सट्टा गिरोह के बारे में पूछताछ कर रही है। 25 साल से आदतन अपराधी, लेकिन हिस्ट्रीशीट नहीं खोली एजीटीएफ ने जयपुर पुलिस से करण का क्रिमिनल रिकॉर्ड लिया। करण 25 साल से आदतन अपराधी है। इसके बावजूद पुलिस ने उसकी हिस्ट्रीशीट नहीं खोली। अगर जयपुर पुलिस ने आरोपी की हिस्ट्रीशीट खोली होती तो उसके लिए विदेश भागना इतना आसान नहीं होता। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी करण आसवानी पर जयपुर सिटी में 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, अपहरण, मारपीट, फिरौती मांगने, जबरन घर में घुसने, चोरी आदि मामले शामिल हैं। खैरथल का बदमाश जयपुर में कर रहा था वारदात एडिशनल डीसीपी ईस्ट पारस ने बताया कि आरोपी करण आसवानी उर्फ कमल सिंधी के खिलाफ वर्ष 2000 में मुरलीपुरा थाने में हत्या का पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद वर्ष 2003 में जयपुर सिटी के शिप्रापथ थाने में मारपीट और घर में घुसकर हमला करने की रिपोर्ट दर्ज है। 2005 में मारपीट, रास्ता रोकने और चोरी का मामला दर्ज हुआ। वर्ष 2009 में मानसरोवर थाने में मारपीट और घर में घुसकर हमला करने का मामला दर्ज हुआ। इसके बाद वर्ष 2023 में बिंदायका, खोह नागोरियान और मानसरोवर थानों में अपहरण, जबरन वसूली और मारपीट से जुड़े मामले दर्ज हुए। वर्ष 2025 में खोह नागोरियान थाने में व्यापारी के अपहरण और संगठित अपराध से जुड़ा मामला दर्ज हुआ। इसके बाद से आरोपी विदेश भाग गया। दुबई में रहकर सट्टे का करता था काम एडीजी एजीटीएफ दिनेश एमएन ने बताया कि उनकी टीम जयपुर पुलिस के साथ करण आसवानी से पूछताछ कर रही है। टीम को अंदेशा है कि दुबई में बैठकर करण सट्टे का नेटवर्क चलाता था। वहीं कुछ गैंग के साथ भी जुड़े होने की जानकारी मिल रही है। जिन पर काम किया जा रहा है। आरोपी के दुबई में रहते हुए किसी भी प्रकार के अपराध में शामिल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। दुबई पुलिस से हमारी टीम ने इस विषय को लेकर भी जानकारी ली थी। व्यापारी को पुलिस की वर्दी पहनकर किया था अगवा करण आसवानी ने 20 अगस्त 2025 को पुलिस की वर्दी पहनकर व्यापारी नरेन्द्र नाथ दत्ता का अपने साथियों के साथ उनकी गाड़ी जबरन रोककर अपहरण किया था। इसके बाद व्यापारी के परिवार से 5 करोड़ की फिरौती मांगी। पीड़ित परिवार के समय पर पुलिस को सूचना देने पर टीम ने एक्शन लिया। इसके बाद करण देश छोड़कर भाग गया। पुलिस ने उसके अन्य साथियों को घटना के बाद पकड़ा। पुलिस जांच में उस दौरान सामने आया था कि करण लॉरेंस और रोहित गोदारा से संपर्क में था। उनके लिए वह काम किया करता था। अपहरण की वारदात में करण के साथ रहे हर्ष गौतम, कनक गांगुली और अजय बेनीवाल उर्फ शाका को वर्ष 2025 में ही पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया था। दुबई में छिपा था, इंटरपोल तक पहुंची पुलिस करण के दुबई में होने की जानकारी मिलने के बाद एजीटीएफ ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया गया। इसके बाद एजीटीएफ ने यूएई की संबंधित एजेंसियों के साथ संपर्क किया। टीम ने अबू धाबी इंटरपोल के साथ लगातार कम्युनिकेशन रखा और करण से संबंधित जानकारी साझा की। तकनीकी और अन्य माध्यमों से उसकी लोकेशन ट्रेस की गई। लोकेशन की जानकारी अबू धाबी इंटरपोल टीम को दी गई। इसके बाद इंटरपोल टीम ने करण आसवानी को डिटेन कर लिया। इंटरपोल से मिली जानकारी के बाद एजीटीएफ दुबई गई और आरोपी को लेकर जयपुर पहुंची। जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि जांच करा रहे हैं कि आरोपी की हिस्ट्रीशीट क्यों नहीं खोली? आरोपी के जयपुर सिटी के अलावा भी अपराध के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। इसके बाद आरोपी की हिस्ट्रीशीट खोली जाएगी। अभी जयपुर पुलिस और एजीटीएफ संयुक्त रूप से आरोपी से पूछताछ कर ही है।

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