साइबर ठगी और ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क के खिलाफ एरोड्रम थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल होने वाले म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इन आरोपियों के खातों से महज एक महीने में करीब 3.42 करोड़ रुपए के संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, इसी नेटवर्क से जुड़े आरोपियों ने शेयर मार्केट और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का झांसा देकर 17.84 लाख रुपए की साइबर ठगी भी की है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों के बैंक खातों के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में 200 से ज्यादा ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायतें NCRP पोर्टल पर दर्ज हैं। 55 हजार रुपए के लालच में बेच दिया बैंक खाता टीआई वीरेंद्र सिंह कुशवाह ने बताया कि विपिन गंगवाल की 1.44 लाख रुपए की साइबर ठगी की शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले सूरज जेसवाल को हिरासत में लिया। पूछताछ में सामने आया कि उसने महज 55 हजार रुपए के लालच में अपना बैंक खाता साइबर एजेंट को उपलब्ध कराया था। आगे की जांच में पता चला कि गिरोह गरीब और सीधे-साधे लोगों को कमीशन का लालच देकर फर्जी फर्मों के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। इन खातों में साइबर ठगी की रकम मंगाई जाती थी। इसके बाद रकम को क्रिप्टोकरेंसी USDT के जरिए ट्रांसफर कर दिया जाता था। 200 से ज्यादा शिकायतों से जुड़े खाते पुलिस ने NCRP पोर्टल पर आरोपियों के बैंक खातों की जानकारी खंगाली तो इनके खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में ऑनलाइन ठगी की 200 से अधिक शिकायतें सामने आईं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन खातों का इस्तेमाल कितनी साइबर ठगी में हुआ और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। एटीएम, पासबुक और इंटरनेट बैंकिंग की डायरी जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 34 एटीएम/डेबिट कार्ड, 12 बैंक पासबुक, 24 चेकबुक, 8 मोबाइल फोन, 1.08 लाख रुपए नकद और 1 वाईफाई राउटर बरामद किया है। इसके अलावा इंटरनेट बैंकिंग की आईडी-पासवर्ड लिखी एक डायरी भी मिली है। इन आरोपियों को किया गिरफ्तार पुलिस ने सूरज जेसवाल, हर्ष उर्फ लकी प्रजापति, सौरभ साहू, पवन प्रजापति, हरिओम प्रजापति, आयुष प्रजापति, संदीप सिसौदिया, सन्नी जाटव, आलोक द्विवेदी, भावेश पारशी, आदित्य पांडेय, साहिल पवार, निलेश खेड़ेकर, जयवर्धन सिंह भदौरिया, प्रदीप लोधी और राजेंद्र राजपूत को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया। पुलिस रिमांड लेकर अब गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की कड़ियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

