सीवान के हुसैनगंज थाना क्षेत्र के रफीपुर गांव में दो पट्टीदारों के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने पहुंची डायल 112 की टीम पर एक युवती की पिटाई करने का गंभीर आरोप लगा है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस टीम एक पक्ष के व्यक्ति को जबरन हिरासत में लेने पहुंची थी। इसका विरोध करने पर डायल 112 में तैनात महिला सिपाही ने युवती के साथ मारपीट की, जिससे वह घायल होकर मौके पर ही गिर पड़ी। घटना के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों की भीड़ जुटने पर पुलिस टीम मौके से निकल गई। बीच-बचाव करने पहुंची मां-बहन के साथ मारपीट पीड़ित पक्ष की अमृता कुमारी के अनुसार, रफीपुर गांव में उनके घर का निर्माण कार्य चल रहा है। इसी को लेकर उनके दादा और चाचा बलिंद्र यादव व नागेंद्र यादव से उनके पिता मुन्ना यादव का विवाद चल रहा है। आरोप है कि रविवार को चाचा और दादा ने निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को काम बंद करने को कहा और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने पहुंची उनकी मां आरती देवी, बहन प्रीति कुमारी के साथ मारपीट की गई। पिटाई के बाद घायल मौके पर गिरी अमृता के मुताबिक, घटना की सूचना डायल 112 को दी गई। टीम मौके पर पहुंची, लेकिन घायल अवस्था में मौजूद उनकी मां और बहन की स्थिति पर कार्रवाई करने के बजाय दूसरे पक्ष की बात सुनकर वहां से चली गई। इसके बाद अमृता सीवान से गांव पहुंचीं और घायलों को सदर अस्पताल ले जाकर इलाज कराया। मामले में थाने में आवेदन भी दिया गया। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद दूसरे पक्ष की शिकायत पर दोबारा डायल 112 की टीम गांव पहुंची और उनके पिता मुन्ना यादव को हिरासत में लेने का प्रयास करने लगी। इसी दौरान उनकी छोटी बहन निक्की कुमारी ने इसका विरोध किया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने पहले उसके साथ अपशब्दों का इस्तेमाल किया और फिर महिला सिपाही ने उसकी पिटाई कर दी। मारपीट में घायल निक्की मौके पर ही गिर पड़ी। सदर अस्पताल में कराया जा रहा घायल का इलाज परिजनों का कहना है कि पुलिस की इस कथित कार्रवाई से मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया। लोगों की भीड़ बढ़ती देख डायल 112 की टीम वहां से निकल गई। इसके बाद परिजन घायल निक्की को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे, जहां उसका इलाज कराया जा रहा है। घटना ने डायल 112 की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस आपातकालीन पुलिस सेवा से पीड़ितों को तत्काल सुरक्षा और निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद होती है, उसी टीम पर घायल युवती के साथ मारपीट का आरोप लगना बेहद गंभीर मामला है। हुसैनगंज थानाध्यक्ष मोहन प्रसाद सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों से आवेदन प्राप्त हुआ है और मामला दर्ज कर लिया गया है। डायल 112 की टीम वहां क्यों पहुंची और मौके पर वास्तव में क्या हुआ, इसकी जांच की जा रही है। सीवान के हुसैनगंज थाना क्षेत्र के रफीपुर गांव में दो पट्टीदारों के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने पहुंची डायल 112 की टीम पर एक युवती की पिटाई करने का गंभीर आरोप लगा है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस टीम एक पक्ष के व्यक्ति को जबरन हिरासत में लेने पहुंची थी। इसका विरोध करने पर डायल 112 में तैनात महिला सिपाही ने युवती के साथ मारपीट की, जिससे वह घायल होकर मौके पर ही गिर पड़ी। घटना के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों की भीड़ जुटने पर पुलिस टीम मौके से निकल गई। बीच-बचाव करने पहुंची मां-बहन के साथ मारपीट पीड़ित पक्ष की अमृता कुमारी के अनुसार, रफीपुर गांव में उनके घर का निर्माण कार्य चल रहा है। इसी को लेकर उनके दादा और चाचा बलिंद्र यादव व नागेंद्र यादव से उनके पिता मुन्ना यादव का विवाद चल रहा है। आरोप है कि रविवार को चाचा और दादा ने निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को काम बंद करने को कहा और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने पहुंची उनकी मां आरती देवी, बहन प्रीति कुमारी के साथ मारपीट की गई। पिटाई के बाद घायल मौके पर गिरी अमृता के मुताबिक, घटना की सूचना डायल 112 को दी गई। टीम मौके पर पहुंची, लेकिन घायल अवस्था में मौजूद उनकी मां और बहन की स्थिति पर कार्रवाई करने के बजाय दूसरे पक्ष की बात सुनकर वहां से चली गई। इसके बाद अमृता सीवान से गांव पहुंचीं और घायलों को सदर अस्पताल ले जाकर इलाज कराया। मामले में थाने में आवेदन भी दिया गया। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद दूसरे पक्ष की शिकायत पर दोबारा डायल 112 की टीम गांव पहुंची और उनके पिता मुन्ना यादव को हिरासत में लेने का प्रयास करने लगी। इसी दौरान उनकी छोटी बहन निक्की कुमारी ने इसका विरोध किया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने पहले उसके साथ अपशब्दों का इस्तेमाल किया और फिर महिला सिपाही ने उसकी पिटाई कर दी। मारपीट में घायल निक्की मौके पर ही गिर पड़ी। सदर अस्पताल में कराया जा रहा घायल का इलाज परिजनों का कहना है कि पुलिस की इस कथित कार्रवाई से मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया। लोगों की भीड़ बढ़ती देख डायल 112 की टीम वहां से निकल गई। इसके बाद परिजन घायल निक्की को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे, जहां उसका इलाज कराया जा रहा है। घटना ने डायल 112 की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस आपातकालीन पुलिस सेवा से पीड़ितों को तत्काल सुरक्षा और निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद होती है, उसी टीम पर घायल युवती के साथ मारपीट का आरोप लगना बेहद गंभीर मामला है। हुसैनगंज थानाध्यक्ष मोहन प्रसाद सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों से आवेदन प्राप्त हुआ है और मामला दर्ज कर लिया गया है। डायल 112 की टीम वहां क्यों पहुंची और मौके पर वास्तव में क्या हुआ, इसकी जांच की जा रही है।

