रोहतक कोर्ट में पेशी पर आए आम आदमी पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद ने देश की न्याय व्यवस्था में जजों की कमी और वर्षों से लंबित मुकदमों को लेकर गंभीर सवाल उठाए। नवीन जयहिंद ने कहा कि आम आदमी वर्षों तक न्याय की उम्मीद में अदालतों के चक्कर काटता रहता है, लेकिन पर्याप्त संख्या में जज नहीं होने के कारण मामलों का निपटारा समय पर नहीं होता। नवीन जयहिंद ने कहा कि देश में करोड़ों मुकदमें लंबित हैं और बड़ी संख्या में मामले ऐसे हैं जो 20-20 साल से चल रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा असर आम आदमी पर पड़ता है, जो अपनी जिंदगी का महत्वपूर्ण समय न्याय की प्रतीक्षा में गुजार देता है। जब न्याय देने वाले पर्याप्त संख्या में उपलब्ध ही नहीं होंगे तो लंबित मामलों का बोझ कैसे कम होगा। सरकार व संबंधित संस्था जजों के खाली पदों को जल्द भरने का काम करें। न्यायपालिका को नहीं मिल रहे पर्याप्त संसाधन
नवीन जयहिंद ने कहा कि न्यायपालिका को कमजोर बताने या उस पर सवाल उठाने से पहले यह देखना जरूरी है कि न्याय व्यवस्था को पर्याप्त संसाधन और पर्याप्त संख्या में जज उपलब्ध कराए जा रहे हैं या नहीं। यह किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों से जुड़ा मुद्दा है। आम आदमी को समय पर न्याय मिलना चाहिए और इसके लिए न्याय व्यवस्था में जरूरी सुधार व जजों की नियुक्ति जल्द की जानी चाहिए। जनता को मिल रही तारीख पर तारीख
नवीन जयहिंद ने कहा कि जजों की कमी के कारण देश में करोड़ों केस पेंडिंग पड़े हुए है। जनता को न्याय की आस में तारीख पर तारीख मिल रही है, जिसके कारण उन्हें परेशानी हो रही है। इस समस्या का स्थाई समाधान निकालने के लिए पर्याप्त संख्या में जजों की भर्ती होनी चाहिए।

