लखनऊ में एक महिला ने बहू और उसके परिजनों पर पांच लाख रुपए की मांग को लेकर बेटे को प्रताड़ित करने और उसकी मौत का आरोप लगाया है। कैंट थाने में सुनवाई न होने पर पीड़िता ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फतेहपुर चौरासी के ओसिया उन्नाव निवासी ममता सिंह के मुताबिक, उनके बेटे ज्ञानेन्द्र प्रताप की शादी 30 नवंबर 2020 को नीलमथा निवासी युतिका से हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद युतिका और उसके परिजन ज्ञानेन्द्र पर परिवार से अलग रहने का दबाव बनाने लगे। ममता का आरोप है कि बहू और उसके परिजन आंगनबाड़ी में नौकरी लगवाने के नाम पर पांच लाख रुपए की मांग कर रहे थे। 25 मई 2025 को ज्ञानेन्द्र को रुपए लेकर चलने की बात कहकर अपने साथ ले गए। इस दौरान परिवार ने करीब साढ़े तीन लाख रुपए की व्यवस्था भी की थी। इसके बाद ममता को वापस भेज दिया गया।
29 मई को उन्हें बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना मिली। मामले में कैंट पुलिस से शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर ममता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इंस्पेक्टर कैंट के अनुसार, कोर्ट के आदेश पर युतिका समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।

